पेपर लीक संशोधन बिल पर मोदी कैबिनेट से लगी मुहर, 10 साल तक जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना और क्या प्रावधान?

primarymaster.in


 केंद्र सरकार ने पेपर लीक पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है. नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक के दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना हो सकता है. संगठित पेपर लीक माफिया पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है. साथ ही फास्ट-ट्रैक कोर्ट को ऐसे मामलों में तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सोमवार को यह विधेयक संसद में पेश कर सकते हैं. नए कानून का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है.

पेपर लीक और परीक्षा में धांधली पर सख्ती बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है. जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस अहम फैसले पर मुहर लगी. संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक करने वालों और संगठित पेपर लीक माफिया के खिलाफ पहले से कहीं अधिक कठोर दंड का प्रावधान किया गया है. नए प्रावधानों के अनुसार दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 साल की कैद और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा. इसके अलावा, पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा, जिन्हें ऐसे मामलों में तीन महीने के भीतर फैसला सुनाना होगा.

जानकारी के मुताबिक इस संशोधन विधेयक को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सोमवार को संसद में पेश करेंगे. सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, संगठित पेपर लीक नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना और छात्रों का भरोसा बहाल करना है.

पेपर लीक संशोधन बिल पर मोदी कैबिनेट से लगी मुहर, 10 साल तक जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना और क्या प्रावधान?

Rating: 4.5
Diposkan Oleh:
Primary ka school

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment