कैमूर में शिक्षकों पर शिक्षा विभाग का शिकंजा, नेटवर्क फेल हुआ तो जियो टैगिंग से दर्ज करनी होगी उपस्थिति
अधौरा प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति की शिकायतों के बाद जिला शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. अब नेटवर्क की समस्या का हवाला देकर शिक्षक विद्यालय से अनुपस्थित नहीं रह सकेंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शंभू कुमार सिंह की ओर से जारी संयुक्त आदेश में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है. नेटवर्क बाधित होने की स्थिति में जियो टैगिंग के माध्यम से उपस्थिति का फोटो सुरक्षित रखना होगा.
अधौरा में शिक्षकों के विद्यालय नहीं पहुंचने की शिकायत
शिक्षा विभाग को विभिन्न माध्यमों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अधौरा प्रखंड के कई शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं. इससे विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित होने की बात सामने आयी थी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि नेटवर्क की समस्या को उपस्थिति दर्ज नहीं कराने का आधार नहीं बनाया जा सकता.
निरीक्षण में 12 शिक्षक मिले थे अनुपस्थित
इससे पहले स्थानीय विधायक सह मंत्री मोहम्मद जमा खां ने अधौरा प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीय संपोषित उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान बिना सूचना 12 शिक्षक विद्यालय से अनुपस्थित मिले थे. इसके बाद अधौरा के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर सवाल उठे थे. लगातार शिकायतों के बीच शिक्षा विभाग ने अब निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने का निर्णय लिया है.
नेटवर्क नहीं रहा तो जियो टैगिंग से दर्ज होगी उपस्थिति
विभागीय आदेश के अनुसार, प्रत्येक शिक्षक-शिक्षिका और प्रधानाध्यापक को ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी. जिस दिन विद्यालय में नेटवर्क की समस्या रहेगी, उस दिन विद्यालय परिसर में जियो टैगिंग के माध्यम से उपस्थिति का फोटो खींचकर सुरक्षित रखना होगा. इस फोटो का उपयोग विभागीय निरीक्षण के दौरान उपस्थिति के प्रमाण के रूप में किया जा सकेगा.
ई-शिक्षाकोष और जियो टैगिंग का होगा मिलान
प्रधानाध्यापक को यह सुनिश्चित करना होगा कि जियो टैगिंग के माध्यम से सुरक्षित फोटो और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति में किसी प्रकार का विरोधाभास नहीं हो. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा शिक्षक की वास्तविक मौजूदगी, पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति और जियो टैगिंग फोटो का मिलान किया जा सकता है.
अनुपस्थिति पर वेतन कटौती की तैयारी
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की उपस्थिति को वेतन विपत्र से भी जोड़ दिया है. आदेश के अनुसार, शिक्षकों की उपस्थिति के आधार पर ही वेतन विपत्र का विवरण उपलब्ध कराया जायेगा. यदि किसी शिक्षक की किसी दिन की उपस्थिति ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज नहीं होती है, तो उस दिन को ‘नो पे’ माना जा सकता है और वेतन कटौती की कार्रवाई की जायेगी.
फर्जी उपस्थिति पर प्रधानाध्यापक भी होंगे जिम्मेदार
विभाग ने प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है. यदि किसी प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक द्वारा विद्यालय में पदस्थापित शिक्षक की फर्जी उपस्थिति दर्ज करायी जाती है, तो उन्हें इसके लिए जिम्मेदार माना जायेगा. ऐसे मामलों में संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
नियमित पठन-पाठन पर विभाग का जोर
शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद अधौरा प्रखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी बढ़ने की उम्मीद है. खासकर नेटवर्क की समस्या वाले विद्यालयों में जियो टैगिंग फोटो के जरिये उपस्थिति का प्रमाण सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है. विभाग का उद्देश्य शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ विद्यालयों में बेहतर पठन-पाठन व्यवस्था कायम करना है.
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