आप मैट्रीमोनियल साइट पर दिखाई जा रही फोटो और प्रोफाइल पर यकीन कर सामने वाले व्यक्ति पर भरोसा कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। साइबर ठग अब ऐसी साइटों के जरिए युवतियों को शादी का झांसा देकर ठग रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कानपुर के कल्याणपुर इलाके में सामने आया है। मैट्रीमोनियल साइट पर एक युवक ने खुद को आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) का जवान बताया और शिक्षिका से शादी की बात तय कर ली। इसके बाद शिक्षिका से बैंक में तीन खाते खुलवाए और उनमें साइबर ठगी के लाखों रुपये मंगा लिए। बैंक और साइबर पुलिस का नोटिस मिलने पर शिक्षिका को सच्चाई पता चली। उन्होंने गुहार लगाई तो पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।
कल्याणपुर की शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने जनवरी में शादी के लिए एक वैवाहिक वेबसाइट पर आईडी बनाई थी। मार्च में सूरज उर्फ रणवीर सिंह नाम के युवक से फोन पर संपर्क किया। उसने खुद को आरएएफ जवान और मूलरूप से औरैया और वर्तमान लखनऊ के अनुरकला अयोध्या रोड निवासी बताया। 15 अप्रैल को वह बड़ा चौराहा पर मिला और आरएएफ का आइडी कार्ड भी दिखाया। आफिस में कागजात लगवाने के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, मार्कशीट और फोटो ले लिया। एक दिन उसने बताया कि वह पार्ट टाइम विभिन्न कंपनियों के विज्ञापन बनाने का काम भी करता है। अपने खाते में विज्ञापन की रकम नहीं मंगवा सकता। उसने कल्याणपुर में बैंक आफ महाराष्ट्र, कोटक महिंद्रा बैंक और पीएनबी में शिक्षिका के खाते खुलवा दिए।
पीएनबी के खाते में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया । फिर तीनों बैंक खातों में छोटी-छोटी रकम आने-जाने लगी। एक दिन सूरज ने कहा कि उसके दोस्त को कुछ पैसों की जरूरत है। वह खाते में पैसे भिजवा रहा है। उसे नकद दे दे। शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने एक दुकानदार के माध्यम से 15 हजार और 16 हजार रुपये उसके दोस्त मनीष को दिए। सात अगस्त को मैसेज आया कि बैंक आफ महाराष्ट्र खाते में अलग-अलग आई रकम होल्ड कर दी गई है। स्पष्टीकरण भी मांगा गया। उसने सूरज को फोन किया तो उसने कहा कि विज्ञापन कंपनियों से बात करके ही वह कुछ बता सकेगा।
रक्षाबंधन में वरीक्षा फिर सगाई का झांसा
शातिर साइबर ठग ने शिक्षिका को पूरी तरह से जाल में फंसा लिया था। भरोसा जीतने के लिए उसने किसी महिला को मां व बहन बताकर शिक्षिका से बात कराई। सूरज ने शिक्षिका की मां और मामा से भी बात की। शातिर ने रक्षाबंधन में वरीक्षा और पांच सितंबर को सगाई करने का शिक्षिका को झांसा दिया था।
लखनऊ के एटीएम से निकाली रकम
शिक्षिका के खाते से शातिर ने कई बार लखनऊके एटीएम से रुपये निकाले हैं। एक ही एटीएम कार्ड से सूरज पैसे निकाल रहा था। वह शिक्षिका से 22 जुलाई को आखिरी बार मिला। तब उसने जल्द सगाई की बात कही। इसके बाद शिक्षिका का मोबाइल लेकर उसने अपनी सभी फोटो डिलीट कर दी। पूछने पर बोला अब केवल शादी की फोटो मोबाइल में रखेंगे।
पुलिस के हाथ से फिसला शातिर
पुलिस ने शातिर को पकड़ने के लिए पूरा जाल बिछाया था। पुलिस शिक्षिका के जरिए साइबर ठग तक पहुंचने का ताना बाना बुन ही रही थी कि उसने अपना मोबाइल बंद कर दिया। शिक्षिका के मोबाइल से अपनी फोटो समेत अन्य जानकारी वह पहले ही हटा चुका है। ऐसे में अब पुलिस डिलीट किए गए डाटा को रिकवर करने का प्रयास कर रही है।
बोले पुलिस कमिश्नर
इस मामले में कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपी का नाम-पता सही है कि नहीं। इसकी कोई गारंटी नहीं है। उसने लखनऊ स्थित एटीएम बूथ से रुपये निकाले हैं। उसका पता लगाया जा रहा है। इस तरह से ठगी बहुत हो रही है। इसलिए शहरवासी सावधान रहें। ऐसे ही किसी पर भरोसा न करें। शिक्षिका के खातों का उपयोग ठगी का पैसा मांगने के लिए किया गया है।
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