शिक्षा चौपाल से बढ़ेगा बच्चों का नामांकन और उपस्थिति, बेसिक शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग ने नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में विद्यालयों में बच्चों के नामांकन और उपस्थिति को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास शुरू किए हैं। इसी क्रम में अब न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षा चौपाल आयोजित की जाएगी। शिक्षा चौपाल के माध्यम से शिक्षक, बच्चे, अभिभावक और जनसमुदाय एक साथ बैठकर विद्यालयी व्यवस्था में आवश्यक सुधारों पर संवाद करेंगे।
विभाग की ओर से खंड शिक्षा अधिकारियों के निर्देश पर एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) और शिक्षक संकुल के समन्वय से शिक्षा चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन चौपालों में अभिभावकों और समुदाय को निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों और उसके दीर्घकालिक महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
स्मार्ट क्लास और ICT लैब के उपयोग पर जोर
शिक्षा चौपाल के दौरान विद्यालयों में उपलब्ध शिक्षण सामग्री और किट के बेहतर इस्तेमाल के साथ-साथ स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब जैसे डिजिटल संसाधनों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई को अधिक प्रभावी और रोचक बनाना है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं कि संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कक्षा पांच तक निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की स्पष्ट समझ होनी चाहिए।
अभिभावकों को दी जाएगी मिशन की जानकारी
इसके लिए अभिभावकों और विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को निपुण भारत मिशन के उद्देश्य और उसके महत्व की जानकारी देने पर जोर दिया गया है। विभाग का मानना है कि बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से विद्यालयों में नामांकन और उपस्थिति को बेहतर किया जा सकता है।
पीटीएम और फोन कॉल के जरिए संपर्क
विभाग ने शिक्षकों को अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखने के लिए पीटीएम, फोन कॉल, घर भ्रमण और शिक्षा चौपाल जैसे माध्यमों का उपयोग करने को कहा है। इसके जरिए बच्चों की विद्यालय में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
नामांकन और उपस्थिति सुधारने पर विशेष फोकस
नए सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग का फोकस केवल बच्चों के नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति और सीखने के स्तर में सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। शिक्षा चौपाल को इसी दिशा में समुदाय और विद्यालय के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है।
विभाग की उम्मीद है कि शिक्षा चौपाल के माध्यम से अभिभावकों और जनसमुदाय की भागीदारी बढ़ेगी तथा बच्चों के नामांकन, नियमित उपस्थिति और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA





