उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा: हरितालिका तीज अवकाश पर छिड़ा विवाद, जानें क्या कहता है शासन का आधिकारिक आदेश
विशेष संवाददाता | शिक्षा विभाग अपडेट
प्रयागराज / उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश के परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 14 सितंबर 2026 (हरितालिका तीज) के अवकाश को लेकर महिला शिक्षकों और स्थानीय विद्यालय प्रशासकों/अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है।
कुछ स्थानों पर यह निर्देश जारी किए गए हैं कि “हरितालिका तीज का अवकाश केवल उन्हीं महिला शिक्षकों को मिलेगा, जिन्होंने पिछले वर्षों में भी हरियाली तीज के स्थान पर हरितालिका तीज का ही अवकाश लिया है, अन्यथा विद्यालय न खोलने पर स्वयं उत्तरदायी होंगे।”
अधिकारियों के इस मौखिक/स्थानीय आदेश और 15 अगस्त को हरियाली तीज के संयोग को लेकर शिक्षिकाओं में भारी असंतोष है। आइए समझते हैं कि बेसिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक अवकाश तालिका (वर्ष 2026) इस विषय में क्या कहती है और नियमों के तहत क्या प्रावधान हैं।
1. अवकाश तालिका 2026 क्या कहती है? (बिंदु संख्या 5 का सच)
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज द्वारा जारी वर्ष 2026 की आधिकारिक तालिका (पत्रांक: बे०शि०प०/19684-89/2025-26) के बिंदु संख्या 5 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है:
“हरि तालिका तीज अथवा हरियाली तीज, करवा चौथ, संकठा चतुर्थी एवं हलषष्ठी/ललई छठ, जीउतिया व्रत/अहोई अष्टमी का अवकाश शिक्षिकाओं एवं पितृ-विसर्जन का अवकाश शिक्षक/शिक्षिकाओं को देय होगा।”
‘अथवा’ का सीधा नियम: तालिका में स्पष्ट रूप से “हरितालिका तीज अथवा हरियाली तीज” लिखा है। प्रशासनिक व विधिक दृष्टि से ‘अथवा’ (OR) का अर्थ विकल्प चुनना होता है। यानी एक शिक्षिका एक शैक्षणिक सत्र में दोनों में से किसी एक तीज का अवकाश लेने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र और पात्र है।
‘गत वर्षों के रिकॉर्ड’ का कोई उल्लेख नहीं: शासन के मूल आदेश पत्र में ऐसा कोई नियम या शर्त दर्ज नहीं है कि शिक्षिका ने “गत वर्षों में भी वही अवकाश लिया हो”\। शासन का आदेश केवल चालू सत्र में किसी एक अवकाश के उपभोग की अनुमति देता है।
2. स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और हरियाली तीज का संयोग
शिक्षिकाओं का तर्क है कि इस वर्ष हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 (शनिवार) को पड़ी थी।
नियम 9 और 10 के अनुसार 15 अगस्त ‘राष्ट्रीय पर्व’ है, जिसमें विद्यालयों में ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं महापुरुषों का स्मरण अनिवार्य होता है।
15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व का आयोजन होने के कारण शिक्षिकाएं ‘हरियाली तीज’ के दिन अवकाश का उपभोग नहीं कर सकीं।
ऐसे में जिन शिक्षिकाओं ने 15 अगस्त (हरियाली तीज) को विद्यालय में उपस्थित रहकर राष्ट्रीय पर्व मनाया, उनका यह अधिकार बनता है कि वे नियमानुसार दिए गए दूसरे विकल्प ‘हरितालिका तीज’ (14 सितंबर 2026) का अवकाश उपभोग करें।
3. कानूनी व व्यावहारिक स्थिति: कौन जिम्मेदार?
यदि किसी शिक्षिका ने 15 अगस्त (हरियाली तीज) को कोई प्रतिबंधित/वैकल्पिक अवकाश नहीं लिया है और वह 14 सितंबर को हरितालिका तीज का व्रत रखकर नियम 5 के तहत अवकाश लेती हैं, तो शिक्षा परिषद के नियमों के तहत वह पूरी तरह से वैध है।
स्थानीय अधिकारियों द्वारा “गत वर्षों के रिकॉर्ड” का हवाला देकर अवकाश से वंचित करना या अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देना बेसिक शिक्षा परिषद के मूल आदेश (पत्रांक 19684-89) की मंशा के विपरीत नजर आता है।
निष्कर्ष
शासन के आदेश पत्र के अनुसार:
यदि शिक्षिका ने इस वर्ष हरियाली तीज का अवकाश नहीं लिया है, तो वह हरितालिका तीज का अवकाश लेने के लिए पूरी तरह नियमानुकूल पात्र हैं।
एक ही सत्र में दोनों तीज का अवकाश नहीं लिया जा सकता।
शिक्षिका संघों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को नियमों का पारदर्शी अनुपालन कराना चाहिए, ताकि राष्ट्रीय पर्वों का सम्मान करने वाली शिक्षिकाओं के अधिकारों का हनन न हो।
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