प्राथमिक स्कूल के बाहर दिनदहाड़े गोलियां मारकर परिषदीय शिक्षक की हत्या
नजीबाबाद के प्राथमिक विद्यालय सौपुरी के गेट पर मंगलवार को शिक्षक नौशाद अहमद (43) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नौशाद अहमद प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त का काम भी करते थे। हत्या करने के बाद आरोपी गौरव राठी खुद ही थाने पहुंच गया और सरेंडर कर दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है।
गांव राहतपुर निवासी नौशाद अहमद प्राथमिक स्कूल सौपुरी में मुख्य अध्यापक थे। मंगलवार को दो बजे नौशाद अहमद घर जाने के लिए स्कूल से निकले। तभी स्कूल के बाहर घात लगाए बैठे गौरव राठी ने तमंचे से गोली मार दी। नौशाद अहमद के सीने में दो गोलियां लगीं, जबकि एक गोली स्कूल की दीवार पर लगी। गोली लगते ही नौशाद अहमद स्कूल के अंदर की तरफ दौड़े और वहां मौजूद शिक्षिका तरुणा चौरसिया से कहा कि उन्हें किसी ने गोली मार दी।
शिक्षिका तुरंत ही ई-रिक्शा बुलाकर घायल नौशाद अहमद को नजीबाबाद के निजी अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां हालत गंभीर देखते हुए घायल को नजीबाबाद से रेफर कर दिया गया। एम्स ऋषिकेश पहुंचने पर नौशाद अहमद की मौत हो गई।
उधर हत्या करने के कुछ देर बाद ही आरोपी गौरव राठी निवासी पूरनपुर थाने पहुंच गया और सरेंडर कर दिया। दो तमंचे और छह कारतूस लेकर थाने पहुंचे आरोपी ने पुलिस से कहा कि वह मर्डर करके आया है। पुलिस हत्या की वजह जानने के लिए पूछताछ में जुटी है। बताया जा रहा है कि नौशाद अहमद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी करते थे, ऐसे में प्रॉपर्टी या लेनदेन के विवाद के पहलू पर भी जांच की जा रही है।
ये बोले एसपी
शिक्षक की हत्या करने वाले आरोपी ने सरेंडर कर दिया है। हत्या की वजह सामने नहीं आई है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
-केके बिश्नोई, एसपी बिजनौर
थाने पहुंचकर बोला हत्यारोपी- लव जिहाद चलाता था शिक्षक, तीन गोली मार आया हूं
गौरव राठी हत्या करने के बाद बाइक से अपराह्न करीब ढाई बजे थाने पहुंच गया। फरियादियों के लिए पड़ी बेंच पर एसआई और पुलिसकर्मियों के सामने जाकर बैठ गया। उसने अंटी से दो तमंचे निकाले और बोला- शिक्षक लव जिहाद चलाता था, तीन गोली मारकर आया हूं। यह सुनते ही पुलिसकर्मी सकपका गए। उन्होंने तुरंत तमंचे और आरोपी को कब्जे में लिया। घटनास्थल से थाने की दूरी लगभग दो किलोमीटर है। एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि हत्यारोपी के बयान के संबंध में भी जांच कराई जा रही है।
शिक्षिका ने नहीं खोया होश, ई-रिक्शा से ले गई अस्पताल
मुख्य अध्यापक नौशाद अहमद स्कूल के गेट की तरफ वापस आए तो विद्यालय में तैनात दूसरी शिक्षिका तरुणा चौरसिया घर जाने के लिए स्कूल से बाहर आ रहीं थीं। लहूलुहान हालत में बेहोश होते शिक्षक को देखकर वह घबरा गईं लेकिन कुछ ही क्षण में खुद को संभालते हुए मुख्य अध्यापक को सहारा दिया। उन्होंने वहां से गुजर रही एक ई-रिक्शा को रुकवाया और उसमें उन्हें लिटाकर करीब दो किमी दूर प्राइवेट अस्पताल ले गईं। नौशाद अहमद की दो पत्नियां शबाना व खुर्शिदा हैं और उनके पांच बच्चे हैं।
मिलनसार थे मुख्य अध्यापक नौशाद
मुख्य अध्यापक नौशाद अहमद की मौत से शिक्षक आहत हैं। नोडल संकुल शिक्षक महेंद्र सिंह बताते हैं कि नौशाद बहुत मिलनसार थे। शिक्षण के प्रति गंभीर और शिक्षकों व परिचितों की समस्याओं को अपनी समस्या मान कर उसे हल कराने में जुट जाते थे।
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