विशेष टीईटी: शिक्षक गणित, अंग्रेजी और ईवीएस के सवालों से हुए परेशान
प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के लिये पहली बार आयोजित विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 (टीईटी) में मंगलवार को प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के प्रश्न पत्र में पूछे गए सवालों का स्तर मध्यम से कठिन रहा है। शिक्षकों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट से टीईटी की अनिवार्यता के बाद सरकार ने पहली बार नौकरी कर रहे शिक्षकों के लिये विशेष टीईटी कराया है। प्रश्न पत्र में सवाल आसान पूछे जाएंगे लेकिन जब मंलवार को शिक्षक अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र मिला तो कठिन सवाल देखकर इनके होश उड़ गए। शिक्षकों ने बताया कि सवालों का स्तर पीसीएस और समीक्षा अधिकारी की परीक्षाओं की तर्ज पर सवाल पूछे गए। इनमें अधिकांश शिक्षकों की पांच से 10 वर्ष की नौकरी बची है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित विशेष टीईटी परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि बाल विकास एवं शिक्षण विधि के वैचारिक, गणित,अंग्रेजी, हिन्दी, संस्कृत के सवालों ने खूब परेशान किया। लंबे अनुच्छेद और सामान्य ज्ञान के सवाल ने खूब छकाया। वहीं पर्यावरण अध्ययन में उत्तर प्रदेश के भूगोल और पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े कइ गहरे सवाल पूछे गए। वहीं कुछ शिक्षकों ने बताया कि उनका प्रश्न पत्र अच्छा हुआ है। ज्यादातार में मायूस दिखे। अभ्यर्थियों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। इतिहास और भूगोल, विज्ञान के प्रश्न को समझने काफी वक्त लगा। शहर के 22 केन्द्रों पर दो पालियों में आयोजित परीक्षा में अभ्यर्थियों को सघन तलाशी के बाद प्रवेश दिया गया।
टीईटी की दोनों पालियों में 19509 अभ्यर्थी शामिल हुए। जबकि 2616 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। दोनों पालियों में 22125 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा में 88.17 फीसदी उपस्थिति रही। प्रशासन के मुताबकि पहली पाली में पंजीकृत 12472 अभ्यर्थी में से 10871 परीक्षा में शामिल हुए। 1601 अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में पंजीकृत 9653 अभ्यर्थी में से 8638 ने परीक्षा दी। 1015 अनुपस्थित रहे।
कठिन पेपर पर शिक्षक संगठनों ने जताई आपत्ति
परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में वर्ष 2010 व उससे पूर्व भर्ती शिक्षकों के लिए मंगलवार को आयोजित की गई विशेष टीईटी का प्रश्नपत्र कठिन बनाए जाने पर शिक्षक संगठन ने आपत्ति जताई है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन व उप्र बीटीसी शिक्षक संघ ने आरोप लगाया है कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के मुकाबले प्रश्नपत्र का स्वरूप अधिक कठिन था। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष तिवारी का कहना है कि विशेष टीईटी की समीक्षा शासन स्तर से कराई जाए और फिर उस पर कोई उचित निर्णय लिया जाए। महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि शिक्षकों के लिए ऐसा प्रश्नपत्र तैयार किया जाए, जिससे वह आक्रोशित न हों। उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि इस विशेष टीईटी में 50 वर्ष से 55 वर्ष तक की आयु के शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों के मान सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा शिक्षक गिरफ्तार
चारबाग बप्पा श्रीनारायण वोकेशन गर्ल्स कॉलेज में अभ्यर्थी के स्थान पर स्पेशल टीईटी की परीक्षा देने पहुंचे साल्वर (शिक्षक) को हुसैनगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बायोमेट्रिक मिलान ने दौरान केंद्र व्यवस्थापक ने उसे आधार कार्ड में गड़बड़ी होने पर पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि साल्वर है और दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था। इसके बाद आरोपी पर मुकदमा दर्ज किया गया।
एसीपी हजरतगंज अभिषेक कुमार पांडेय के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी फतेहपुर जनपद के शांतिनगर का रहने वाला नेहाल अहमद है। वह एक निजी विद्यालय में शिक्षक है। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने जनपद के हथगाम इलाके में रहने वाले अभ्यर्थी विश्वनाथ कुमार वर्मा के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था।
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