स्कूल में बच्चे की मौत पर बड़ा ऐक्शन, प्रभारी प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक और शिक्षामित्र तीनों को भेजा जेल
बलिया, । यूपी के बलिया में स्कूल में करंट की चपेट में आने से छात्र की मौत के मामले में बड़ा ऐक्शन लिया गया है। पुलिस ने प्रभारी प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक और शिक्षामित्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं, बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) के खिलाफ भी गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना शिक्षा क्षेत्र गड़वार के प्राथमिक विद्यालय नवीन पोखरा (कनैला) में सोमवार को हुई थी। उधर, बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद चेन्नई से उसके पिता इजहार अहमद मंगलवार दोपहर घर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में जिला अस्पताल में बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद गांव में शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
बलिया में क्षेत्र के बिसुकिया निवासी इजहार अहमद का 11 वर्षीय पुत्र अरशद प्राथमिक विद्यालय कनैला में कक्षा चार का छात्र था। सोमवार को वह स्कूल पहुंचा तो शिक्षकों ने उसे बांस की सीढ़ी के सहारे विद्यालय के रसोईघर की छत पर लौकी तोड़ने के लिए चढ़ा दिया। इसी दौरान लौकी तोड़ते समय वह पास से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने करीब सात घंटे तक स्कूल परिसर में हंगामा किया। मृतक के भाई सलमान की तहरीर पर पुलिस ने प्रभारी प्रधानाध्यापक विजय शंकर, सहायक अध्यापक अनिल कुमार और शिक्षामित्र दीपचंद राम के साथ ही बिजली विभाग के अवर अभियंता राजनारायण यादव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने तीनों शिक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मैंने बेटा खोया, अब किसी और का चिराग न बुझे
स्कूल की छत पर लौकी तोड़ने गए अरशद की करंट से मौत ने उसके पिता बिसुकिया निवासी इजहार अहमद को भीतर तक तोड़ दिया है। अपने सहारे को खोने का असहनीय दर्द झेल रहे इजहार अब दूसरे बच्चों की सुरक्षा के लिए गुहार लगा रहे हैं। जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे इजहार ने रुंधे गले से कहा कि हम चाहते हैं कि कार्रवाई ऐसी हो, जो मिसाल बने। हम तो अपना बेटा खो ही चुके हैं, लेकिन हमारी तरह किसी और पिता का बच्चा दूसरे की लापरवाही का शिकार न हो। इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें पहल करनी चाहिए। हमें इंसाफ चाहिए।
इजहार अहमद करीब पांच वर्षों से चेन्नई में रहकर सिलाई का काम करते हैं। बेटों और परिवार की अच्छी परवरिश हो सके, इसके लिए वह अकेले वहां रहकर रोजी-रोटी का इंतजाम करते हैं। चार बेटों में अरशद सबसे छोटा था। बातचीत में बिलखते हुए बोले, बहुत प्यारा बच्चा था। हम लोग बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते हैं, वहां मेरे बेटे को सब्जी तोड़ने के लिए छत पर चढ़ा दिया गया।
कहा कि यह पूरी तरह वहां तैनात अध्यापकों की लापरवाही है। स्कूल ही नहीं, बिजली विभाग भी उतना ही दोषी है। विद्यालय के ऊपर से बिजली का तार गुजर रहा है, लेकिन किसी को इसकी फिक्र नहीं है। हम किससे क्या कहें। हमने तो अपना लाल खो दिया है। हमें इंसाफ चाहिए। फिर किसी की औलाद को अपनी जान न गंवानी पड़े, इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी होगी। कहा कि अभी हमसे मिलने कोई अधिकारी नहीं आए थे। वैसे भी अभी हम अपने बेटे के अंतिम संस्कार में जुटे हैं। उसके बाद ही कुछ बात कर सकेंगे।
सोमवार के मैन्यू नहीं थी लौकी
मध्याह्न भोजन के लिए शासन से बकायदा मैन्यू तय है। उसी के अनुसार बच्चों को भोजन देने का प्राविधान है। सूत्रों की मानें तो सोमवार के रोटी और सोयाबीन की सब्जी तथा ताजा फल देने की व्यवस्था है। विद्यालय में इसका भी उल्लंघन करते हुए छात्र को लौकी तोड़ने के लिए छत पर चढ़ा दिया गया। लोगों का कहना है कि स्कूल में लौकी का पौधा कौन लगाया है तथा छत पर चढ़ाने के लिए बांस की सीढ़ी कहां से आयी थी, यह भी सवाल है। कुछ लोगों का कहना है कि मामले में रसोईयों की भूमिका भी संदिग्ध है। चूंकि वह उसी गांव की रहने वाली है, लिहाजा लोगों ने उसका नाम नहीं लिया। चर्चा तो इस बात की भी है कि मृतक के परिवार के लोगों की ओर से रसोईयों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर लिखी गयी थी, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने उसे बदलवा दिया।
जेई-एसडीओ और बीईओ की भी जांच
छात्र अरशद की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर शासन भी गंभीर है तथा हर दोषी को सजा देने के लिए जांच करायी जा रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जेई और एसडीओ के खिलाफ चार्जशीट बनायी जा रही है। लोगों का कहना है कि बीईओ की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।
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