जौनपुर के 4612 शिक्षकों की कुंडली खंगालेगी STF, हाईकोर्ट के आदेश के बाद शैक्षिक दस्तावेजों की जांच तेज
Jaunpur Teacher News: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच की तैयारी शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के अभिलेख जुटा रहा है। इन दस्तावेजों को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंपा जाएगा, जिसके बाद नियुक्तियों और शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी।
जिले के 4612 शिक्षकों के दस्तावेजों की होगी जांच
समाचार के अनुसार, जौनपुर जिले में कुल 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में चार हजार 612 शिक्षक तैनात हैं।
शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में पूरी प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने को कहा गया है। इसके तहत शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी दस्तावेज एकत्र किए जाएंगे।
शिक्षकों को जमा करने होंगे ये दस्तावेज
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी अभिलेख जुटाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षकों को निम्नलिखित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
- नियुक्ति पत्र
- हाईस्कूल का प्रमाणपत्र और अंकपत्र
- इंटरमीडिएट का प्रमाणपत्र और अंकपत्र
- स्नातक के शैक्षिक अभिलेख
- बीएड, बीटीसी या डीएलएड से संबंधित दस्तावेज
- टीईटी या सीटीईटी के प्रमाणपत्र
- नियुक्ति के समय की सभी आवश्यक योग्यताओं से जुड़े प्रमाणपत्र
इन दस्तावेजों को बीएसए कार्यालय में जमा कराया जाएगा। इसके बाद सभी शिक्षकों की कंपाइल रिपोर्ट एसटीएफ को भेजी जाएगी।
दो साल में 22 शिक्षक हो चुके हैं बर्खास्त
जिले के परिषदीय विद्यालयों में कूटरचित अभिलेखों के सहारे नौकरी करने वाले 22 फर्जी शिक्षकों को बीते ढाई साल में बर्खास्त किया जा चुका है। इन मामलों में प्राथमिकियां भी दर्ज कराई गई हैं।
समाचार में बताया गया है कि तत्कालीन बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने जांच के बाद वर्ष 2023 से मई 2025 तक कुल 22 शिक्षकों को बर्खास्त किया था। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से संबंधित मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
11 बर्खास्त शिक्षकों से वेतन वसूली की कार्रवाई लंबित
रिपोर्ट के अनुसार, बर्खास्त किए गए 22 शिक्षकों में से केवल 11 का ही लेखाजोखा अब तक तैयार हो सका है। मई 2025 में इन 11 बर्खास्त शिक्षकों से वेतन वसूली के लिए रिकवरी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन समाचार प्रकाशित होने तक उसे प्रभावी नहीं बनाया जा सका था।
सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले इन मामलों में 15 करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी नहीं हो सकने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी करने वालों पर बढ़ेगी सख्ती
समाचार के अनुसार, प्रेरणा पोर्टल से ऑनलाइन सत्यापन शुरू होने के बाद फर्जी दस्तावेजों से संबंधित मामले सामने आए थे। जांच के दौरान संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय सहित कई विश्वविद्यालयों की डिग्रियां संदिग्ध पाई गई थीं। सत्यापन में यह भी सामने आया था कि कुछ शिक्षक दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे थे।
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग शिक्षकों के शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी अभिलेखों की जांच को आगे बढ़ा रहा है।
बीएसए ने क्या बताया?
जौनपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय के अनुसार, शासन स्तर से बेसिक शिक्षा विभाग के प्रत्येक शिक्षक के शैक्षिक दस्तावेज जुटाने का निर्देश मिला है। इनकी रिपोर्ट एसटीएफ को भेजी जाएगी।
एसटीएफ अपने स्तर से जांच करेगी। दस्तावेजों को व्यवस्थित ढंग से जुटाने के लिए रूपरेखा बनाई जा रही है। जांच के दायरे में कक्षा एक से आठ तक के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक आएंगे।
जौनपुर शिक्षक दस्तावेज जांच: मुख्य जानकारी
| जनपद | जौनपुर, उत्तर प्रदेश |
| कुल शिक्षक | 4612 |
| परिषदीय विद्यालय | 885 |
| जांच एजेंसी | स्पेशल टास्क फोर्स (STF) |
| पहले बर्खास्त शिक्षक | 22 |
| रिकवरी नोटिस | 11 बर्खास्त शिक्षकों के लिए |
| लंबित रिकवरी | 15 करोड़ रुपये से अधिक (समाचार के अनुसार) |
| जांच का आधार | हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभागीय निर्देश |
शिक्षकों के लिए जरूरी जानकारी
जिले के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को अपने शैक्षिक और नियुक्ति संबंधी अभिलेख तैयार रखने होंगे। विभागीय स्तर से दस्तावेज मांगे जाने पर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराना होगा।
यह जांच सभी संबंधित शिक्षकों के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए की जा रही है। इसका अर्थ यह नहीं है कि जांच के दायरे में आने वाले सभी शिक्षकों की नियुक्ति संदिग्ध है। किसी भी प्रकार की अनियमितता का निष्कर्ष दस्तावेजों के सत्यापन और जांच के आधार पर ही निकाला जाएगा।
नोट: यह खबर उपलब्ध समाचार पत्र की कटिंग के आधार पर तैयार की गई है। जांच की प्रक्रिया और दस्तावेज जमा करने संबंधी अंतिम निर्देशों के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश का पालन करें।
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