याची के अधिवक्ता ने कहा, यह बड़ा घोटाला है
अधिवक्ता फरमान नकवी ने आयोग की भूमिका पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग ने पहले 50 उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी। मगर अब यह संख्या बढ़ती जा रही है। अधिवक्ता ने कहा कि यह बड़ा घोटाला है। सुनवाई के दौरान दो अन्य अभ्यर्थियों की ओर से भी कहा गया कि वह भी याचिका दाखिल कर रहे हैं।
प्रयागराज, विधि संवाददाता। लोक सेवा आयोग की पीसीएस जे 2022 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी के मामले में आयोग की ओर से की गई सिफारिश पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से एक बार फिर से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि आयोग ने पूर्व में चयनित जिन दो अभ्यर्थियों को चयन से बाहर कर दो नए अभ्यर्थियों को चयन में शामिल करने की सिफारिश की है, उस पर सरकार ने क्या निर्णय लिया है।
सीबीआई जांच और प्राथमिकी दर्ज कराने की उठी मांग कोर्ट ने याचिका करने वाले अभ्यर्थी की ओर से प्रस्तुत संशोधन अर्जी पर जवाब देने को कहा है। अर्जी में की गई सीबीआई से जांच कराने और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर जवाब मांगा गया है। न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति डी रमेश की खंडपीठ ने सुनवाई को 30 सितंबर की तिथि नियत की है।
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