हस्तिनापुर। सरकार भले ही परिषदीय स्कूलों को हाईटेक करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो। परंतु इनकी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने इनकी पोल पट्टी खोलकर रख दी है।
शुक्रवार को गांव बमनौली में स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में पानी भरा हुआ था। क्लास रूम की छत टपक रही थी। शिक्षक भी बारिश से बचने के लिए एक तरफ बैठे हुए थे। स्कूल में बच्चे नहीं थे।
ललीफपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक मौजूद मिले। लेकिन बच्चे नहीं थे। स्कूल के मैदान में कई फीट पानी भरा हुआ था। स्कूल की जर्जर छत भी इस बात की गवाही दे रही थी विभाग की लापरवाही कभी भी यहां भारी पड़ सकती है।
गांव दबखेड़ी के प्राथमिक विद्यालय में क्लास रूम तक जाने के लिए बच्चों को दो फीट पानी से गुजरकर जाना था। हालांकि, बारिश के कारण कोई भी बच्चा स्कूल में नहीं पहुंचा। शिक्षक बच्चों का इंतजार करते रहे। ग्राम पंचायत इकवारा की ग्राम प्रधान उपासना ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत के गांव लुकाधडी के प्राथमिक विद्यालय का भी हाल बेहद खराब है, जहां बारिश में छत टपक रही है। कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया, परंतु समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत करीब 100 प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें से अधिकतर स्कूलों को हालत बेहद खराब है।
विद्यार्थियों की संख्या कम दिखीं
किठौर/परीक्षितगढ़। कस्बा व आसपास के क्षेत्र में लगातार दो दिन से हो रही बरसात से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त है। वहीं प्राइमरी स्कूल और काॅलेजों में भी छात्रों की उपस्थित कम दिखी। बरसात के चलते बच्चे घरों से नहीं निकले। कस्बा स्थित रजबहे के बाद प्राइमरी पाठशाला तथा पाठशाला नंबर दो में जलभराव रहा। जिससे बच्चों को कक्षाओं में जाने में परेशानी हुई। वहीं, परीक्षितगढ़ में बरसात के मौसम में प्राथमिक विद्यालय नंबर एक व दो में बच्चों की संख्या काफी कम रही।
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