प्रयागराज, उच्च शिक्षा निदेशालय में अनियमित तरीके से तैनात चार में से एक सहायक निदेशक को आखिरकार हटा दिया गया। मजे की बात है कि इसी पद पर छह साल से डटे अफसर को हटाने की बजाय तीन महीने पहले कार्यभार ग्रहण करने वाले डॉ. केशरीनंदन मिश्र को हटा दिया गया है। आपके अपने समाचार हिन्दुस्तान ने 18 सितंबर को ‘सहायक निदेशक के तीन पद, चार अफसरों की तैनाती’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
इसका संज्ञान लेते हुए 25 जून को सहायक निदेशक के पद पर भेजे गए डॉ. केशरीनंदन मिश्र को राजकीय महाविद्यालय रानीगंज प्रतापगढ़ में प्रोफेसर इतिहास विषय के पद पर स्थानान्तरित कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव गिरिजेश त्यागी की ओर से इस संबंध में सोमवार को आदेश जारी किया गया। आश्चर्य की बात है कि सहायक निदेशक के पद पर 25 मई 2018 से तैनात डॉ. बीएल शर्मा को बरकरार रखा गया है जबकि एक स्थान पर अधिकतम तीन साल तक तैनाती का ही नियम है।
उससे पहले वह राजकीय महाविद्यालय पडरिया मैनपुरी में प्रवक्ता वाणिज्य के पद पर कार्यरत थे। वर्तमान में हेमवती नंदन बहुगुणा राजकीय महाविद्यालय नैनी में वाणिज्य का पद खाली भी हैं लेकिन न तो सबसे अधिक समय से कार्यरत डॉ. बीएल शर्मा को हटाया गया और न ही ऊंची पहुंच के दम पर सबसे बाद में 22 अगस्त को सहायक निदेशक बने डॉ. अजीत कुमार सिंह को हटाया गया।
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