छात्र-छात्राओं से परिषदीय विद्यालय की सफाई कराने पर घिरे शिक्षक, मांगा जवाब

primarymaster.in


 अमरोहा: सुल्तानठेर के परिषदीय विद्यालय में, शिक्षकों द्वारा बच्चों के साथ स्कूल परिसर की सफाई कराने का मामला महंगा पड़ा। बाल कल्याण समिति ने इसे जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के उल्लंघन के रूप में देखा है और प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी करने की बात कही है। खंड शिक्षा अधिकारी ने भी विद्यालय को नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब मांगा है।

सुल्तानठेर गांव के संविलियन विद्यालय में, बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के दौरान स्कूल परिसर में गांव की गंदगी जमा हो गई थी। इसे साफ करने के लिए, बीते सोमवार को शिक्षकों और शिक्षामित्रों ने बच्चों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाया। कुछ बच्चों ने फावड़ा और खुरपा लेकर सफाई में मदद की, जबकि कुछ ने झाड़ू लगाई। शिक्षकों ने इसे सराहनीय कदम बताते हुए फोटो सोशल मीडिया पर साझा की, लेकिन उन्हें इसके परिणामों का अंदाजा नहीं था। बाल कल्याण समिति ने इस मामले पर ध्यान दिया है।

समिति ने इसे बाल अपराध के रूप में माना है। समिति अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज के अनुसार, स्कूल में बच्चों से फावड़ा चलवाने और सफाई कराने की जानकारी मिली है, जो बाल श्रम के अंतर्गत आता है। इस पर तीन साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। प्रधानाध्यापक को जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा। बीईओ आरती गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लिया है और विद्यालय को नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब मांगा है। विद्यालय के इंचार्ज अध्यापक संजीव कुमार का कहना है कि उन्हें नोटिस की जानकारी नहीं है।

छात्र-छात्राओं से परिषदीय विद्यालय की सफाई कराने पर घिरे शिक्षक, मांगा जवाब

Rating: 4.5
Diposkan Oleh:
Updatemarts

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment