गजरौला, प्रधानाध्यापक संजीव कुमार द्वारा जो सुसाइड नोट छोड़ा गया है। उस पर लिखी हैंडराइटिंग का मिलान विद्यालय के अन्य अभिलेखों से किया जाएगा। इसके लिए सुसाइड नोट व अभिलेख फोरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे। विवेचक के द्वारा भी उनका अवलोकन किया जाएगा। फोरेंसिक जांच के स्पष्ट होगा कि सुसाइड नोट क्या प्रधानाध्यापक ने ही लिखे हैं या फिर किसी दूसरे के माध्यम से लिखवाए हैं.
प्रधानाध्यापक ने एक अक्टूबर को कक्षा में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके पास मिले सुसाइड नोट में उन्होंने पांच वर्षों से स्कूल में कार्यरत शिक्षक दंपती राघवेंद्र-सरिता पर गाली-गलौज करने, अपमानित करने व उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।
बीएसए डॉ मोनिका पर कार्रवाई न करने की बात लिखी है। प्रकरण की जांच सीबीआइ से कराने की बात भी लिखी थी। इस पत्र में 18 पेज का सुसाइड नोट रजिस्टर में लिखने की बात भी कही है। गुरुवार को कुछ पन्ने भी जांच टीम के सामने आए थे। जिस पर उन्होंने अपनी मौत का जिम्मेदार शिक्षक दंपति राघवेंद्र सिंह व सरिता के साथ ही बीएसए को ठहराया था। इस प्रकरण में शिक्षक दंपती राघवेंद्र-सरिता व बीएसए डा. मोनिका के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। फरार चल रहे शिक्षक दंपति को गिरफ्तार करने के लिए प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है। सीओ स्वेताभ भास्कर ने बताया कि फोरेंसिक जांच को अभिलेख भेजे जाएंगे। फोन भी पुलिस के कब्जे में है। उधर, डीएम के द्वारा गठित की गई टीम बीएसए के बयान भी दर्ज करेगी।
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