लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर करने व विद्यालयों के औचक निरीक्षण के लिए तैनात 4400 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का कार्यकाल मार्च 2025 तक बढ़ा दिया गया है। हर एआरपी को चालू शिक्षा सत्र में अपने ब्लॉक के 10 स्कूलों को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने का लक्ष्य भी पूरा करना होगा।
विद्यालयों में तैनात शिक्षकों में से ही हर ब्लॉक में पांच (कुल 4400) एआरपी तैनात किए गए हैं। इन्हें प्रेरणा एप पर विद्यालयों का
सुपरविजन करना होता है। यह काम उन्हें प्रतिदिन कम से कम दो घंटे करना होता है।
एक ही विद्यालय का दोबारा
निरीक्षण नहीं करना होता है। इसके लिए इन्हें हर माह 2500 रुपये टीए भी दिया जाता है। वर्तमान में पहले से चल रही एआरपी का कार्यकाल समाप्त हो गया था।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से भेजे प्रस्ताव पर बेसिक शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमकेएस सुंदरम ने
शासनादेश जारी कर दिया। उन्होंने कहा है कि एआरपी का कार्यकाल मार्च 2025 तक बढ़ाया जाता है।
उन्होंने कहा कि 31 मार्च को जिन एआरपी का कार्यकाल तीन साल या इससे अधिक होगा, उनका कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाएगा। एआरपी की दोबारा चयन प्रक्रिया होगी।
वहीं हर साल एआरपी का परफॉर्मेंस के अप्रेजल चयन आधार पर समिति के अनुमोदन के बाद इनका नवीनीकरण किया जाएगा। तीन साल पूरा करने वाले कोई भी एआरपी आगे कभी भी एआरपी के लिए चयनित नहीं होंगे।
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