लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालय सेमिनार तक सीमित न रहें बल्कि ऐसे कार्य करें, जिससे विद्यार्थियों को नए ज्ञान की प्राप्ति हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित इंटरनेशनल सेमिनार का विजन विद्यार्थियों के सामने रखा जाना चाहिए जिससे वे आधुनिक तकनीक से परिचित हो सकें। इसके लिए वर्कशॉप कर विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा दी जानी चाहिए, जिससे वे नौकरी ढूंढने के बजाय रोजगार देने वाले बन सकें।
प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को राजभवन में 24 राज्य विश्वविद्यालयों की ऑनलाइन समीक्षा बैठक हुई। राज्यपाल ने राज्य विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया कि समर्थ ईआरपी का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन जल्द सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय समर्थ ईआरपी के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समर्थ ईआरपी के सभी 41 मॉड्यूल्स पर प्रभावी ढंग से कार्य करें, तभी उसका समयबद्ध क्रियान्वयन सम्भव हो सकेगा। पीएम उषा योजना के तहत 14 विश्वविद्यालयों को स्वीकृत धनराशि के संदर्भ में राज्यपाल ने सुझाव दिया कि सभी विश्वविद्यालय एक कार्यदायी संस्था और समिति बनाकर इस योजना की मॉनिटरिंग करें। समर्थ ईआरपी के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।
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