30 हजार करोड़ ज्यादा मिलने की उम्मीद
वित्तीय जानकारों के मुताबिक, एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से यूपी को सभी मदों में मिलाकर 3.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक धनराशि मिल सकती है। केंद्रीय करों व शुल्कों तथा योजनाओं में मिलने वाली हिस्सेदारी की धनराशि पिछले वर्ष के मुकाबले 30 से 35 हजार करोड़ अधिक हो सकती है। केंद्रीय योजनाओं और अन्य मदों में भी धनराशि में इजाफा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय बजट के बाद तय होगा यूपी का बजट आकार
वित्त विभाग फरवरी के दूसरे सप्ताह में यूपी का बजट पेश किए जाने के अनुमान के साथ बजट की तैयारी में जुटा है। विभागों से आए प्रस्तावों पर चर्चाओं का दौर चल रहा है, लेकिन इन सारी तैयारियों के बावजूद निगाहें पूरी तरह केंद्र सरकार के बजट पर लगी हैं। केंद्र से केंद्रीय करों व शुल्कों से मिलने वाली राज्य की हिस्सेदारी में इस बार जितनी वृद्धि होगी यूपी का बजट भी उसी के मुताबिक बढ़ेगा।
लखनऊ, विशेष संवाददाता। एक फरवरी को पेश होने वाले भारत सरकार के आम बजट 2025-26 से यूपी की जनता ने ढेरों उम्मीदें लगाईं हैं। लोग केंद्र सरकार के इस बजट से आयकर में कुछ राहत और अन्य करों का बोझ कम होने की उम्मीदें संजोए हुए हैं।
वहीं प्रदेश सरकार की निगाहें केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी और केंद्रीय व केंद्र सहायतित योजनाओं से राज्य के हिस्से में आने वाले बजट पर हैं। एक अनुमान के मुताबिक केंद्रीय करों में हिस्सेदारी, केंद्रीय योजनाएं, केंद्र सहायतित योजनाएं व विशेष सहायता मद से यूपी के हिस्से में करीब 3.90 लाख करोड़ रुपये आ सकते हैं।
देश के आम बजट में मिलने वाली हिस्सेदारी के बाद यूपी सरकार अपने बजट को अंतिम रूप देगी। वित्तीय जानकार अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार का आम बजट मध्यम वर्ग पर अधिक फोकस रह सकता है। बजट में देश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे ले जाने के लिए कई इंतजाम नजर आ सकते हैं।
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