लखनऊ, बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विवि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल शिक्षा विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन, नई दिल्ली एवं एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर बीबीएयू की ओर से हुई कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों, अकादमिक अधिकारियों एवं शोधार्थियों ने भाग लिया।
डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. विक्टर बाबू ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तकनीकों में से एक है परन्तु अगर इसका सही प्रकार से उपयोग नहीं किया गया, तो परिणाम भयावह भी हो सकते हैं। आजकल इस तकनीकी का प्रयोग अल्गोरिदम सीखने, पहचानने, समस्या-समाधान, भाषा, लाजिकल रीजनिंग, डिजिटल डेटा प्रोसेसिंग, बायोइंफार्मेटिक्स तथा मशीन बायोलाजी को आसानी से समझने में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त इन्होंने लर्निंग प्रोसेस, रीजनिंग प्रोसेस एवं सेल्फ करेक्शन प्रोसेस आदि पर चर्चा करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाले फायदे एवं नुकसान के बारे में बताया।
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