फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में मिड-डे मील (MDM) योजना में बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोरोना काल के दौरान बच्चों के भोजन और राशन के बजट में लगभग 3 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप में दो शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2020-21 (कोरोना काल) का है। आरोप है कि राजेपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुम्हौर स्थित कंपोजिट विद्यालय में मिड-डे मील के बजट का दुरुपयोग किया गया। ग्राम प्रधान हिमानी सिंह ने पिछले साल 20 फरवरी को इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के मुख्य बिंदु:
मृदुल सक्सेना (प्रभारी प्रधानाध्यापक): इन्होंने MDM खाते से अपने नाम पर चेक काटकर ₹2,66,000 निकाले।
यतेंद्र सिंह (शिक्षक): इन्होंने दो किस्तों में कुल ₹40,000 की निकासी की।
जांच में हुई पुष्टि, फाइल दबाने का भी आरोप।
बीएसए (BSA) के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) और खंड शिक्षा अधिकारी (बढ़पुर) ने मामले की जांच की और 22 अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंपी। जांच रिपोर्ट में वित्तीय गबन की पुष्टि हुई थी। हालांकि, यह भी आरोप लगा कि बीएसए कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण इस फाइल को लंबे समय तक दबाकर रखा गया था।
प्रशासनिक कार्रवाई
वर्तमान बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है:
दोनों आरोपी शिक्षकों, मृदुल सक्सेना और यतेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
विभागीय जांच के लिए एक नई समिति बनाई गई है, जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज (अमर सिंह राणा) और खंड शिक्षा अधिकारी मोहम्मदाबाद (भारती शाक्य) को शामिल किया गया है।
जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस गबन की गहराई से जांच कर जल्द अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
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