नई दिल्ली। एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत हो रही है। यानी आम बजट की घोषणाएं मंगलवार से लागू हो जाएंगी। इस वित्त वर्ष से कई अहम बदलाव हो रहे हैं, जो करदाताओं, वरिष्ठ नागरिकों, उपभोक्ताओं पर सीधा असर डालने वाली हैं।
सबसे बड़ा बदलाव आयकर व्यवस्था में है। नई कर व्यवस्था लागू होने के साथ ही अब 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। वेतनभोगियों के लिए यह सीमा 75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ 12.75 लाख रुपये हो जाएगी। जानते हैं कई अन्य बदलावों के बारे में…
■ नई व्यवस्था के तहत आय 12 लाख रुपये से अधिक होने पर 4-8 लाख पर 5 फीसदी, 8-12 लाख पर 10 फीसदी, 12-16 लाख पर 15 फीसदी कर देना होगा। 20 से 24 लाख की आय के लिए 25 फीसदी का नया स्लैब शामिल किया गया है।
■ सालाना छह लाख रुपये की किराये की आय पर कोई टीडीएस नहीं लगेगा। पहले यह सीमा 2.4 लाख रुपये थी।
■ वरिष्ठ नागरिकों को एफडी से मिलने वाले ब्याज की सीमा 50 हजार से बढ़कर एक लाख हो गई है। विदेश में पढ़ाई के लिए 10 लाख भेजने पर कोई कर नहीं।
■ इसी तरह अपडेटेड टैक्स रिटर्न भरने के लिए 24 महीने के बजाय अब 48 महीने मिलेगा। इनके अलावा बैंक खातों में न्यूनतम जमा, यूपीआई से मोबाइल लिंक्ड, म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों के लिए केवाईसी अनिवार्य जैसे बदलाव भी लागू होंगे।
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