8th Pay Commission: सैलरी-पेंशन, 5 फैमिली यूनिट, 64 छुट्टियां! दिल्‍ली मीटिंग में AINPSEF ने क्‍या मांगा, प्रेसिडेंट ने बताया – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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8th CPC Meeting Latest Update: जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्‍यक्षता वाले आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की दिल्‍ली में 28,29 और 30 अप्रैल को महत्‍वपूर्ण मीटिंग हुई, जिसमें NC-JCM समेत कई सारे कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों ने आयोग के सामने सैलरी, पेंशन, भत्ते, फिटमेंट फैक्‍टर्स और अन्‍य मुद्दों पर अपनी बात रखी. इस क्रम में 30 अप्रैल को ऑल इंडिया एनपीएस एम्‍प्‍लॉइज फेडरेशन (AI-NPS-EF) ने भी अपनी मांगों के साथ आयोग के सामने प्रेजेंटशन दिया.

AINPSEF के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ मंजीत सिंह पटेल ने NDTV को बताया कि संगठन ने सैलरी, पेंशन, भत्ते, फिटमेंट फैक्‍टर, फैमिली यूनिट्स जैसे बिंदुओं पर NC-JCM (स्‍टाफ साइड) की मांगों पर सहमति जताई है. इसके साथ ही 3 प्रमुख मुद्दों पर अपनी बात रखी है. इनमें OPS यानी ओल्‍ड पेंशन स्‍कीम, केंद्र शासित प्रदेशों में समान व्‍यवस्‍था के साथ रिटायरमेंट और छुट्टियों की मांगें शामिल हैं. 

इन तीन प्रमुख मुद्दों पर संगठन का जोर

AINPSEF के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ पटेल ने बताया कि देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के भविष्य को लेकर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के समक्ष महत्वपूर्ण सुझाव शेयर किए गए हैं. आयोग की चेयरपर्सन न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, सदस्य सचिव (IAS) पंकज जैन, अंशकालिक सदस्य पुलक घोष और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कर्मचारी प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा. 

प्रस्तुति के दौरान ‘जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी’ (JCM) के साथ फिटमेंट फैक्टर, फैमिली यूनिट्स और भत्तों पर सहमति जताई गई. संगठन ने तीन मुख्य बिंदुओं पर विशेष जोर दिया. 

1). पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली

वर्ष 2003 के बाद सेवा में आए सभी NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) के लाभ दिए जाएं. साथ ही, कर्मचारी अंशदान पर GPF (सामान्य भविष्य निधि) के समान सुविधा प्रदान की जाए.

2). केंद्र शासित प्रदेशों और स्वायत्त निकायों के लिए स्पष्ट व्यवस्था

केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन, मेमोरेंडम, आदेश और गजट को सीधे केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) और स्वायत्त निकायों (CABs) पर भी लागू करने की स्थायी व्यवस्था हो. इसके अतिरिक्त, इन विभागों के बीच इंटर-ट्रांसफर की सुविधा शुरू की जाए और सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को CGHS (केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना) का विकल्प दिया जाए.

3). शिक्षकों के सेवा नियमों में समानता

यूजीसी (UGC) शिक्षकों और मेडिकल प्रैक्टिशनर्स की तर्ज पर स्कूल शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु भी 65 वर्ष की जाए. साथ ही, सभी के लिए समान रूप से प्रति वर्ष 14 आकस्मिक अवकाश (CL), 20 मेडिकल अवकाश और 30 अर्जित अवकाश (EL) का प्रावधान हो. इसके अलावा, एक समयबद्ध पदोन्नति नीति (Time Bound Promotion Policy) लागू करने और कुछ नए पदों के 

NC-JCM की इन मांगों पर AINPSEF की सहमति 

AINPSEF ने फिटमेंट फैक्‍टर, फैमिली यूनिट्स और लगभर सभी भत्तों पर NC-JCM के सुझावों पर सहमति जताई है. NC-JCM ने 3.83 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया है. अब जैसे कि वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) 18,000 रुपये है. जेसीएम (NC-JCM) ने इसे बढ़ाकर सीधे 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है. यानी सीधे तौर पर न्यूनतम वेतन में लगभग 283 प्रतिशत की बढ़ोतरी की मांग की गई है. वहीं, अधिकतम वेतन को 2,15,000 रुपये के स्तर पर रखने का सुझाव दिया गया है. 

अभी तक केंद्रीय कर्मचारियों को सालाना 3 प्रतिशत की दर से वेतन वृद्धि (Increment) मिलती है. लेकिन इस बार कर्मचारी यूनियनों ने इसे दोगुना कर 6 प्रतिशत करने की मांग रखी है.  

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