सेवानिवृत्ति बकाए में देरी लापरवाही का परिणाम

primarymaster.in


 प्रयागराज, । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिवंगत सरकारी कर्मचारी के सेवानिवृत्ति बकाया से संबंधित भुगतान में देरी को अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम माना है और आठ प्रतिशत ब्याज के साथ बकाया भुगतान का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति अजय भनोट ने कहा कि 2005 से भुगतान में देरी के लिए राज्य द्वारा कोई कारण नहीं बताया गया। यह टिप्पणी उन्होंने संत कबीरनगर निवासी कृष्णावती की याचिका को स्वीकार करते हुए की। कोर्ट ने राज्य सरकार को 18 मई 2005 से 23 दिसंबर 2019 तक की अवधि के लिए प्रति वर्ष आठ प्रतिशत ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी माना है।

याची के पति को नो ड्यूज प्रमाणपत्र 2005 में जारी और सत्यापित किया गया। याची के पति की मृत्यु हो चुकी थी। हालांकि याची को कोई सेवानिवृत्ति बकाया का भुगतान नहीं किया गया। वर्ष 2019 में याचिका की गई तो याची के पक्ष में निर्देश हुआ। अधिकारियों ने उसका पालन भी नहीं किया। इस पर अवमानना याचिका की। इसके बाद 23 दिसंबर 2019 को बकाया राशि प्रदान की गई। हालांकि विलंबित भुगतान पर कोई ब्याज नहीं दिया गया।

सेवानिवृत्ति बकाए में देरी लापरवाही का परिणाम

Rating: 4.5
Diposkan Oleh:
Updatemarts

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment