सहारनपुर, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े सूबे में जिला व उच्च न्यायालय में करीब-करीब आधे पद खाली पड़े हैं। जी हां, इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के 50 प्रतिशत पद खाली हैं। सहारनपुर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और साथी सांसदों के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने लोकसभा में यह जानकारी दी है। विधि एवं न्याय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लिखित उत्तर देते हुए बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में 160 में न्यायाधीशों के 79 पद रिक्त हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत 34 पदों के सापेक्ष 2 पद रिक्त हैं, जबकि विभिन्न हाईकोर्ट में स्वीकृत 1122 पदों के सापेक्ष 364 रिक्तियां हैं। यही नहीं, विभिन्न जिला व सत्र न्यायालयों में 25725 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 5245 पद रिक्त हैं। सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सबसे बुरी स्थिति इलाहाबाद हाईकोर्ट की है, जहां सीधे सीधे न्यायाधीशों के स्वीकृत
160 पदों के सापेक्ष आधे यानी 79 पद रिक्त हैं। मसूद के अनुसार, स्वीकृत 160 पदों में 119 स्थाई पद तथा 41 अतिरिक्त पद हैं। स्थाई पदों में 38 खाली है।
यह था पूरा मामला
लोकसभा में सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, कोडीकुनिल सुरेश, के गोपीनाथ, डॉ. एमके विष्णु प्रसाद एवं सुधाकर सिंह के द्वारा केंद्र सरकार से लिखित प्रश्न किया था कि देशभर में न्यायाधीशों के रिक्त पदों के कारण न्यायपालिका के कार्यों और वादकारियों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। सरकार ने रिक्त पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
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