पेट्रोल, डीजल की कीमतों में निकट भविष्य में वृद्धि की संभावना से इन्कार नहीं
पश्चिम एशिया संघर्ष की तपिश अब भारतीय जनता भी कुछ ज्यादा ही महसूस करेगी। शुक्रवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरकारी तेल कंपनियों (ओएमसी) ने 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलिंडर (जिनका इस्तेमाल होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है) की कीमत में एक साथ 993 रुपये का इजाफा कर दिया है। अब दिल्ली में यह रिकार्ड 3,071.50 रुपये प्रति सिलिंडर हो गया है, जबकि पहले यह 2,078.50 रुपये था। यह तीसरी लगातार मासिक बढ़ोतरी है। पांच किलोग्राम के छोटू सिलिंडर की कीमत भी 261 रुपये बढ़ गई है, जो खासकर गरीब परिवारों, मजदूरों और छात्रों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। ओएमसी ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी (14.2 (14.2 किलोग्राम के सिलिंडर) और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आइओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल का कहना है कि कच्चे तेल व एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विनिमय दर के आधार पर कमर्शियल सिलिंडर की कीमतें बढ़ाई गई हैं। इसके पहले मार्च में 114.50 रुपये, अप्रैल में 195.50 रुपये और अब मई में 993 रुपये की बढ़ोतरी के साथ तीन महीनों में कुल 1303 रुपये प्रति सिलिंडर की वृद्धि हो चुकी है। होटल-रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर इससे सीधा बोझ पड़ेगा, जिससे भोजन की कीमतें बढ़ सकती हैं और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं।
प्रेटू के अनुसार, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल भले ही कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, लेकिन आने
वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता के बावजूद भारत ने चार साल और 60 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता बनाए रखी है। वैश्विक संघर्ष, आपूर्ति श्रृंखला संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद भारत का ऊर्जा परिदृश्य स्थिर बना रहा, जबकि पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है। भारत सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए या घबराहट में आकर नीतिगत निर्णय लेने से परहेज किया है।
हरदीपसिंह पुरी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री
वाले दिनों में इसकी संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। सरकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद खुदरा दरों में चार साल से कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इससे तेल कंपनियों को हो रहे
घरेलू एटीएफ की कीमतों में कोई बदलाव नहीं
नई दिल्ली, बेटूः घरेलू विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में शुक्रवार को कोई बदलाव नहीं किया गया। इससे स्थानीय कंपनियों को राहत मिली है। घरेलू यात्रियों को भी फिलहाल किराये में वृद्धि का सामना नहीं करना पड़ेगा। घरेलू विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन की कीमत 1,04,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर पर स्थिर रखी गई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन की कीमत 7,255.36 रुपये प्रति किलोलीटर (5.33 प्रतिशत) बढ़ाकर इसे 1,43,297.42 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिया गया है।
नुकसान के चलते निकट भविष्य में पैट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
‘एलपीजी की किल्लत की वजह से श्रमिक लौट रहे है गांव’
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