प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के परिषदीय शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण (Inter-District Transfer) को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी पहल सामने आई है। PTR (Pupil Teacher Ratio) जारी न होने तथा दंपति शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद नियम एवं शर्तों में बदलाव किए जाने से आवेदन से वंचित रह गए अभ्यर्थियों की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी एवं अधिवक्ता रमेश कुमार द्विवेदी याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखेंगे। बताया जा रहा है कि याचिका से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं और जल्द ही न्यायालय में सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान PTR समय पर जारी नहीं किया गया, वहीं आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद कुछ शर्तों में बदलाव किए गए, जिसके कारण अनेक पात्र शिक्षक आवेदन करने से वंचित रह गए। इसी आधार पर न्यायालय से उचित राहत की मांग की गई है।
यदि इस मामले में हाईकोर्ट कोई महत्वपूर्ण आदेश देता है, तो इसका प्रभाव अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया और विशेष रूप से दंपति शिक्षकों के ट्रांसफर पर पड़ सकता है।
नोट: फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अंतिम निर्णय या किसी प्रकार की राहत हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी। शिक्षकों को विभागीय एवं न्यायालयीय अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
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