राज्य पुरस्कार के मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे शिक्षक

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 मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण जिले के शिक्षकों की रूचि राज्य अध्यापक पुरस्कार में कम हो गई है। यही कारण है कि इस पुरस्कार के लिए अभी तक केवल तीन शिक्षकों ने आवेदन किए हैं। आवेदनों की संख्या कम होने के कारण अंतिम तिथि 25 फरवरी से बढ़ाकर तीन मार्च कर दी गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने वाले शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। पिछले वर्ष शासन ने आवेदन के नियमों में बदलाव कर दिया। मसलन, शिक्षक के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। आवेदन करने वाले शिक्षक सेवा के 15 वर्ष पूर्ण कर चुके हों। प्राथमिक विद्यालय में छात्र संख्या न्यूनतम 150, उच्च प्राथमिक विद्यालय में 105, संविलयन विद्यालय में 255 होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त विद्यालय के विद्यार्थियों का नवोदय विद्यालय व विद्या ज्ञान में चयन होने के भी अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं। अधिकांश शिक्षक इन मानकों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, यही कारण है कि जिले में राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों की संख्या काफी कम है।

राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए अभी तक जिले के तीन शिक्षकों का ही आवेदन प्राप्त हुआ है। शिक्षक आवेदन के मानक पूरे नहीं कर पा रहे हैं। यही कारण है कि आवेदनों की संख्या कम है।

-स्वाति भारती, बीएसए हाथरस।

राज्य पुरस्कार के मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे शिक्षक

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