प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत जाने से रोकना या धमकाना न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करना है। यह गंभीर आपराधिक अवमानना है। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने जनहित याचिका दाखिल करने वाले याचिकाकर्ता को धमकाने के आरोपी को तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने अमित सिंह परिहार की जनहित याचिका पर दिया।
याची अमित सिंह परिहार ने पूरक हलफनामा दाखिल कर आरोप लगाया है कि फतेहपुर की बिंदकी तहसील के पहुर गांव में गाटा नंबर 122 स्थित सरकारी पेड़ों की अवैध कटाई से संबंधित जनहित याचिका को वापस लेने के लिए उन्हें धमकाया जा रहा है। प्रतिवादी नंबर-9 (नरेंद्र सिंह) ने 22 मई 2022 को उनके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों पर हमला किया। जब याची के परिवार के लोग थाने पहुंचे तो नरेंद्र ने कथित तौर पर पुलिस से मिलीभगत करके याची और मूल शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी।
आरोप है कि नरेंद्र की एफआईआर कल्याणपुर थाने में जानबूझकर शाम 6:55 बजे दर्ज की गई, ताकि उसे फायदा मिल सके। वहीं, याचिकाकर्ता की तरफ से एफआईआर बाद में रात 11:21 बजे दर्ज की गई।
मंडी परिषद के निदेशक, उपनिदेशक और सचिव पर लगाया हर्जाना
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मंडी परिषद् में तैनात चतुर्थ श्रेणी पद पर याची को अन्य कर्मचारियों के समान पदोन्नति नहीं देने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने परिषद के निदेशक, उपनिदेशक और सचिव पर 10-10 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही मंगलवार को तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने मुकेश चंद्र शर्मा की याचिका पर दिया। याची अलीगढ़ मंडी परिषद में कार्यरत है।
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