स्कूलों में बच्चों को शारीरिक दंड देने पर सख्ती: शिक्षक के साथ प्रधानाध्यापक भी होंगे जिम्मेदार, FIR व सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई के निर्देश
आप सभी को अवगत कराना है कि चंदौली बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा एक आदेश जारी किया गया था अध्यापकों को प्रतिबंधित किया गया था कि किसी भी दशा में विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं को शारीरिक दंड, अपमान जनक व्यवहार, गाली गलौज या मानसिक प्रताड़ना या छात्र को थप्पड़ मारना, डंडे, कड़े, छड़ी या किसी भी वस्तु से पीटना मुर्गा बनाना, धूप में खड़ा करना
इत्यादि तरीके से दंडित करना पूर्णतः प्रतिबंधित है ।
अगर ऐसा करते हुए कोई भी अध्यापक पाया जाता है तो
परिषदीय विद्यालयों में दोषी शिक्षक के साथ-साथ प्रधानाध्यापक को भी प्रथम दृष्टिया मानते हुए तत्काल निलम्बन/FIR/सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी ।
लेकिन इन नियमों और कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए हाजीपुर प्राथमिक विद्यालय का मामला प्रकाश में आया है जहां एक छोटे दलित छात्र को एक अध्यापक द्वारा डंडे से पीट-पीटकर छात्र का किया बुरा हाल पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई ये आदेश केवल कागजों तक सीमित रह गया ।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






