गोंडा। जिले के 28 सहायता प्राप्त विद्यालय एसआईटी की जांच के दायरे में आ गए हैं। एसआईटी के निरीक्षक और जांच अधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने इस बार जांच में प्रत्येक शिक्षक की नियुक्ति से जुड़े अभिलेखों के साथ ही वेतन भुगतान के अभिलेख भी मांगे हैं। यही नहीं अधिकतर शिक्षकों को वेतन सीधे दिए जाने की शिकायतें भी हुई हैं।
सहायता प्राप्त विद्यालयों में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां हुईं और वेतन दे दिया गया। शासन ने वर्ष 2019 में 164 सहायक अध्यापकों के वेतन भुगतान पर सवाल खड़े किए थे। सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों के लिए तय योग्यता पूरी नहीं थी। इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति मिल गई और 1.67 करोड़ रुपये वेतन का अनियमित तरीके से भुगतान कर दिया गया। इसके बाद शुरू हुई जांच पूरी नहीं हो पा रही है। मामले में बड़े गोलमाल की आशंका है। बताया जा रहा है कि एसआईटी अब उन मामलों की भी पड़ताल करेगी जिनको लेकर उच्च न्यायालय ने आदेश दिए थे। बीएसए से अनुमोदन आदि के अभिलेख भी मांगे गए हैं। बताया जा रहा है कि कई मामलों में प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। वित्त लेखाधिकारी से बीएसए अतुल तिवारी ने सभी अभिलेख एसआईटी को उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। वेतन भुगतान और नियुक्तियों के मामले में दो लिपिकों की मिलीभगत होने के संदेह समेत एसआईटी हर पहलू पर जांच कर रही है।
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