अंबेडकरनगर । यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक चलेंगी। इस परीक्षा में बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से किनारा करने वाले शिक्षकों पर नकेल कसने की तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है। ऐसे शिक्षकों को मेडिकल बोर्ड की जांच से गुजरना होगा। आवेदन सही पाए जाने के बाद सीएमओ के हस्ताक्षर के बाद ही जिला विद्यालय निरीक्षक अवकाश स्वीकृत करेंगे।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 71,368 छात्र-छात्राएं परीक्षा देने जा रहे हैं। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए करीब छह हजार शिक्षकों को तैनात किया जाना है, जिसमें 50-50 प्रतिशत बेसिक और माध्यमिक के शिक्षक शामिल होंगे। विभाग की ओर से 113 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के लिए शिक्षक कतराते हैं। मेडिकल लगाकर अवकाश पर चले जाते हैं। इस बार ऐसा नहीं चल पाएगा। अवकाश के लिए मेडिकल बोर्ड अगर बताएगा कि शिक्षक को आराम की जरूरत है, तभी उसको स्वीकृति प्रदान की जाएगी। वहीं गलत मेडिकल प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने वाले कक्ष निरीक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
डीआईओएस गिरीश सिंह ने बताया कि सीएमओ की ओर से जारी प्रमाण त्र के आधार पर ही चिकित्सीय अवकाश दिया जाएगा।
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