बदलाव: सम्बद्ध प्राइमरी में भी शिक्षक भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य
अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों के सम्बद्ध प्राइमरी अनुभाग में कक्षा एक से कक्षा पांच तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य कर दिया गया है। बीटीसी के साथ डीएलएड डिग्री धारकों को भी शिक्षक के लिए अर्ह घोषित किया गया है। वहीं प्राचार्य पद के लिए 28 साल बाद फिर प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) शिक्षकों को अर्ह माना गया है।
एडेड माध्यमिक स्कूलों के सम्बद्ध प्राइमरी अनुभाग में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती नए नियमों के अनुसार ही होगी। अब टीईटी पास करने के बाद ही अभ्यर्थी शिक्षक के पद पर भर्ती के लिए आवेदन फॉर्म भर सकेगा। सुप्रीम कोर्ट की ओर से टीईटी को लेकर की गई सख्ती के बाद यह फैसला लिया गया है।
बीपीएड धारकों को भी मौका
इंटरमीडिएट में प्रधानाचार्य के पद पर भर्ती के लिए परास्नातक (पीजी) में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक व बीएड भी जरूरी है। वहीं हाईस्कूल स्तर के एडेड माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद के लिए भी पीजी में 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। इसके लिए बीएड के साथ ही बीपीएड पास अभ्यर्थी भी अर्ह माने जाएंगे।
वर्तमान में प्रदेश भर में 4512 एडेड माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें प्रधानाध्यापकों के 1172 व प्रधानाचार्यों के 1475 पद रिक्त हैं।
प्रधानाचार्य की अर्हता में भी किया गया संशोधन
एडेड माध्यमिक स्कूलों में प्रधानाचार्य (इंटरमीडिएट स्तर) के पद पर 28 साल बाद फिर से जीटी शिक्षक को चार वर्ष का कार्यानुभव होने पर भर्ती का अवसर मिलेगा। वर्ष 1998 तक यह लाभ इन शिक्षकों को दिया जाता था। वहीं प्रधानाध्यापक (हाईस्कूल स्तर) के पद के लिए कम से कम चार साल का अनुभव व 30 साल से कम उम्र नहीं होनी चाहिए।
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