लखनऊ, यूपी पुलिस में सिपाही बनने के लिए लखनऊ से बिहार, राजस्थान के अभ्यर्थियों ने खूब फर्जीवाड़ा किया। कुछ अभ्यर्थियों ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के फर्जी दस्तावेज तैयार करवाये तो कुछ ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा ही दोबारा दे डाली। इतना ही नहीं दोबारा हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा देने के दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपने नाम-पते तक फर्जी डलवा दिए।
साथ ही जन्म तिथि पांच से छह साल तक घटा कर लिखवाई। नाम बदल कर हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा दो बार देने वाले अभ्यर्थियों ने सिपाही भर्ती परीक्षा भी दो-दो दिन दी। इनमें से कई अभ्यर्थी पुलिस भर्ती बोर्ड और यूपी पुलिस की सख्त निगरानी में फंस गये। बाकी जो बचे, वह जांच में फंस रहे हैं। इनको जेल भेजने की कार्रवाई शुरू हो गई है।
पांच दिन हुई परीक्षा में 463 अभ्यर्थी संदिग्ध पाये गये। इसके अलावा हर दिन परीक्षा में धांधली करने वाले 80 अभ्यर्थी जेल भेजे गए। 24 जुलाई को परीक्षा में मथुरा के योगेश और हरदोई के फहीम के आधार कार्ड और मूल डाटा में अंतर मिला। जांच हुई तो सामने आया कि इन दोनों ने हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा दो-दो बार दी थी। दोनों में अलग-अलग जन्मतिथि दिखाई गई थी। कुछ अभ्यर्थियों ने पुलिस के सामने खुलासा किया कि उन्होंने दलाल के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड बनवाये जिसमें मनमाफिक जन्मतिथि दर्ज करा ली। परीक्षा केन्द्र पर जब इन आधार कार्ड का सत्यापन किया गया तो मूल सरकारी डाटा से उसका ब्योरा मेल ही नहीं खाया।
जांच में दोषी मिलने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जा रही है। कई जगह यह एफआईआर सम्बन्धित परीक्षा केन्द्र के प्रभारी की ओर से हो रही है।
राजीव कृष्ण, अध्यक्ष-यूपी पुलिस
भर्ती बोर्ड
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