बरेली के नवाबगंज में स्कूल में चक्कर खाकर गिरे आठ विद्यार्थियों के मामले में एसडीएम ने खंड शिक्षाधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। विकासखंड के पूर्व माध्यमिक स्कूल, ईधजागीर गांव में 117 छात्र- छात्राएं अध्ययनरत हैं। शनिवार दोपहर एक बजे मध्याह्न भोजन में आलू, टमाटर और चावल खाने के एक घंटे बाद आठ विद्यार्थी चक्कर खाकर गिर गए थे।
इनमें से कुछ को निजी अस्पताल तो कुछ को सीएचसी में दिखाया गया। डॉक्टरों ने इलाज के बाद उसी दिन सभी की छुट्टी कर दी। छात्रा दीप्ती, लता अशिंका, शबनूर, फरीन, सोहिल, इन्द्रजीत व अंजुम और उनके परिजनों ने बताया कि उनके गले में जकड़न की समस्या थी। हाथ, पैरों व पेट में दर्द उठने लगा था। मामले की जानकारी मिलते ही राजस्व टीम, पुलिस की टीम और स्वास्थ्य टीम मौके पर पहुंच गई थी।
एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय ने बीईओ सतीश वर्मा को मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब की है। आपको बता दें कि बरेली के नवाबगंज में मिड डे मील खाने के एक घंटे के बाद स्कूल में पढ़ने वाले सात बच्चे अचानक एक-एक कर चक्कर खाकर जमीन पर गिर गए। इसे देख स्कूली स्टाफ और बच्चों में अफरा-तफरी मच गई।
मामले की जानकारी मिलते ही अभिभावक स्कूल की तरफ दौड़े। बच्चों की हालत देख सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां कुछ देर बाद ही बच्चों को घर भेज दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112, हल्का लेखपाल, स्वास्थ विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। हालांकि शिक्षा विभाग से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
नवाबगंज विकासखंड के पूर्व माध्यमिक स्कूल, ईधजागीर गांव में 117 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। शनिवार को एक बजे मिड डे मील में आलू-टमाटर की सब्जी व चावल खाने के एक घंटे के बाद बच्चे परिसर में चक्कर खाकर गिरने लगे। बच्चों ने बताया कि उन्हें गले में जकड़न की समस्या थी। उसके बाद पैर-हाथ और पेट में दर्द उठने लगा। यह देख स्टाफ और बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। अभिभावकों ने बच्चों को निजी अस्पताल और सीएचसी में भर्ती कराया, जहां एक घंटे के बाद बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
भूत-प्रेत के साए की भी रही चर्चा
ग्रामीणों के बीच भूत-प्रेत के साए की भी चर्चा रही। ग्राम प्रधान प्रेमशंकर गंगवार ने बताया कि रसोइया ने खाने में आलू-मटर और चावल बनाया था। बच्चों के खाने से पहले स्टाफ ने चखा है। यदि भोजन से दिक्कत होती तो सभी बच्चों को होती। इंचार्य प्रधानाध्यापक सुषमा देवी ने बताया कि ग्रामीणों ने बच्चों के मन में डर बिठा दिया है। यह गलत है। मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया से एक-दूसरे को बच्चे देख गिर पड़े हैं।
बच्चों के अचानक स्कूल में बेहोश होकर गिरना बड़ी बात है। मामले की जांच के लिए निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों से अपील है किसी भी तरह की अफवाह न फैलाए, जिससे बच्चों और समाज पर गलत असर पड़े।-अजय कुमार उपाध्याय, एसडीएम
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