मथुरा। परिषदीय विद्यालयों में वर्षों से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई करने से विभागीय जिम्मेदार बचते दिख रहे हैं। कई बार नोटिस, रिमाइंडर और फिर अंतिम नोटिस देकर विभागीय अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।
लंबे समय से बिना सूचना के नदारद चल रहे इन शिक्षकों में किसी ने दो दिन के आकस्मिक अवकाश तो किसी ने अधिकतम एक माह का चिकित्सक अवकाश के लिए मानव संपदा पोर्टल आवेदन किया था। अवकाश की तिथि पूरी होने के वर्षों बाद भी शिक्षक अब तक स्कूल नहीं पहुंचे। लंबे समय से स्कूल नहीं आने से यहां की शिक्षण व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ के चलते स्कूल न आने वाले शिक्षकों को लेकर स्थानीय अभिभावक भी कई बार अधिकारियों से इसकी शिकायत कर चुके हैं। अभिभावकों का कहना है कि हर महीने एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्कूल का निरीक्षण करते हैं, इसके बावजूद भी अध्यापक लंबे समय से स्कूल नहीं आ रहे हैं।
बीते माह 18 शिक्षकों को थमाए सेवा समाप्ति के अंतिम नोटिस
बीएसए सुनील दत्त ने बीते माह 18 शिक्षकों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें से 10 शिक्षकों को 24 दिसंबर और 8 शिक्षकों को 31 दिसंबर को सेवा समाप्ति का अंतिम नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। बीएसए का कहना है कि जितने भी शिक्षकों को नोटिस जारी हुए उनमें से अभी एक का भी जवाब नहीं मिला है। जवाब न देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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