आजमगढ़। जिले में प्राथमिक विद्यालयाें में पठन-पाठन को लेकर स्थिति बहुत ठीक नहीं है। कहीं पर छात्र नहीं हैं तो कहीं पर शिक्षक भी पर्याप्त संख्या में नहीं है। शहर के विद्यालयों की हालत तो ठीक है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्कूलों की हालत दयनीय है। जहां शिक्षक हैं वहां भी पठन-पाठन का माहौल ठीक नहीं है।
शिक्षक आपस में गप्पे लड़ाते हुए मिल रहे है। स्थानीय निवासी होने के कारण इन शिक्षकों के ऊपर अधिकारी कार्रवाई भी करने से कतराते है। अहरौला संवाददाता के मुताबिक शिक्षा क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालय में छात्रों की संख्या 50 से कम है। वहीं, उच्च प्राथमिक फरीदपुर में एक भी छात्र नहीं है। पहले यहां दो छात्र पंजीकृत थे। वह भी कहीं और चले गए।
यहां मात्र एक शिक्षक रविकांत पाण्डेय की तैनाती है। वहीं, बालेपट्टी प्राथमिक विद्यालय में अगस्त 2024 में यहां मात्र 16 छात्रों का पंजीकरण था। कभी छह, कभी आठ छात्रों की उपस्थिति रहती है। प्रधानाध्यापक राजनरायन ने बताया कि मौके पर 19 छात्र पंजीकृत हैं। 10 छात्रों की उपस्थित हैं। यहां प्रधानाध्यापक सहित कुल चार शिक्षक तैनात हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि लगभग 11 परिषदीय विद्यालयों में जिसमें छात्र संख्या 50 से कम है उसमें संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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