लखनऊ,। यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में दावे व आपत्तियां दाखिल करने का शुक्रवार को अंतिम दिन है। ऐसे लोग जो मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरेंगे उनका नाम एसआईआर वाली मतदाता सूची में शामिल होगा। नाम तो आगे भी जुड़वाए जा सकेंगे। मगर फिर एसआईआर वाली मतदाता सूची में लोगों का नाम नहीं होगा। ऐसे में 20-22 साल बाद होने वाली एसआईआर की प्रक्रिया में उनकी मैपिंग में कठिनाई आ सकती है।
अब दावे व आपत्तियों का समय नहीं बढ़ाया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा की ओर से सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मतदाताओं को किसी भी तरह की कठिनाई न हो। नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 और मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरा जा रहा है। ऐसे में प्रत्येक बूथ पर पर्याप्त मात्रा में फॉर्म-6, फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 पर्याप्त संख्या में बीएलओ के पास उपलब्ध रहें। लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया जाए। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जिन 1.04 करोड़ मतदाताओं के नाम का मिलान नहीं हो सका है और 2.22 करोड़ तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है।
नाम कटवाने को आए 2.84 लाख फॉर्म-7
नाम कटवाने के लिए अभी तक 2.84 लाख फॉर्म-7 भरे जा चुके हैं। जिसमें मृत व स्थानांतरित लोगों के अलावा ऐसे लोग भी हैं, जिनका नाम गलत ढंग से सूची में शामिल हुआ था। अब दूसरे व्यक्ति की आपत्ति पर सुनवाई के बाद ऐसे लोगों के नाम काटे गए हैं। वहीं अगर आपत्ति गलत पाई गई है तो फिर जांच के बाद नाम नहीं भी काटे जा रहे हैं।
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