नई दिल्ली, । केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) से जुड़ीं 2000 से अधिक चिकित्सा सुविधाओं और इलाज प्रक्रियाओं के लिए नई दरें जारी की गई हैं। इससे केंद्रीय कर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए इलाज करवाना और आसान हो जाएगा। नई दरें 13 अक्तूबर 2025 से लागू होंगी।
इसे पिछले 15 वर्षों में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ये दरें शहर की श्रेणी और अस्पताल की गुणवत्ता पर आधारित हैं। अब तक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की शिकायत थी कि सीजीएचएस पैनल में शामिल अस्पताल अक्सर कैशलेस इलाज देने से इनकार कर देते थे। मरीजों को अपनी जेब से मोटी रकम चुकानी पड़ती थी और फिर उन्हें पैसे वापस पाने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। वहीं, अस्पतालों का तर्क था कि सरकार द्वारा निर्धारित पैकेज दरें पुरानी और कम थीं। इसके अलावा उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिलता था।
सौंपा था ज्ञापन : अगस्त 2025 में केंद्रीय सरकारी कर्मचारी संघों के राष्ट्रीय महासंघ ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार को एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें कहा गया था कि कैशलेस सेवाओं की कमी के कारण कर्मियों और पेंशनभोगियों, दोनों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों को ये लाभ मिलेगा
● कैशलेस इलाज आसान हो जाएगा, अस्पताल मना नहीं कर सकेंगे
● जेब से खर्च करने की बाध्यता कम होगी
● इलाज खर्च के पुर्नभुगतान की परेशानी कम होगी।
● महीनों तक रकम अटकने की समस्या कम होगी।
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