चंदौली जिले के खंड विकास अधिकारी कार्यालय में सूचना अधिकार का अधिनियम पूरी तरह से ध्वस्त है। एक वर्ष बाद भी सूचना देने में अधिकारी आनाकानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही व उदासीनता के चलते भ्रष्टाचार के रोकथाम के लिए बना सूचना के अधिकार का कानून बौना साबित हो रहा है।
बताते चलें कि जनसूचना के अधिकार का लाभ आम जनता को मिल सके, इसलिए ब्लाक में कंप्यूटर लगाकर आनलाइन सुविधा दी गई, ताकि कानून को लेकर विभागीय स्तर पर चल रहे क्रियाकलाप की जानकारी उच्चस्तर पर मिलती रहे। इसके बावजूद ब्लाक मुख्यालय के अधिकारी व कर्मचारी इसे लेकर तनिक भी गंभीर नहीं है। वही बसाड़ी गांव निवासी वकील शेख मंसूरी ने कहा कि सूचना अधिकार के तहत एक वर्ष पूर्व प्रार्थना पत्र दिया गया। इसके बावजूद आज तक रिपोर्ट नहीं दी गई।
इसी तरह लेहरा, बरहुआ, सरैया, वसाढ़ी, हाटां सहित अन्य गांव से मांगी गई सूचनाओं को पेंडिंग रखा गया है। यह हाल तब है जब समय पर सूचना उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों अथवा जन सूचनाधिकारी के खिलाफ 25 हजार रुपये जुर्माने व दंड का प्रविधान है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि सूचना अधिकार के तहत मांगी गई सभी सूचनाओं को दिया जाता है। लेकिन स्थिति स्पष्ट न होने पर सूचनाएं पेंडिंग रह जाती हैं।
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