प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि जब बर्खास्त प्रधानाचार्य का कार्यभार शिक्षक संभाल रहा है तो उसी के अनुसार उसे वेतन भी दिया जाना चाहिए। यह टिप्पणी कर कोर्ट ने बरेली के जिला विद्यालय निरीक्षक के 23 जुलाई 2024 के आदेश को रद्द कर दिया।
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने जयविंदर सिंह की याचिका पर अधिवक्ता सुयश पांडेय को सुनकर दिया। बरेली के रामरछपालपुरम स्थित चाचा नेहरू बालमंदिर इंटर कॉलेज में याची जयविंदर सिंह शिक्षक हैं। इस दौरान आयोग की ओर से भेजे गए प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया। वहीं, याची को योग्यता के आधार पर छह अप्रैल 2023 को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का कार्य सौंपा दिया गया।
उनके वेतन निर्धारण संबंधी पत्रावली जिला विद्यालय निरीक्षक, बरेली को भेजी गई। इस पर डीआईओएस ने 23 जुलाई 2024 को आदेश जारी कर प्रबंधक को सूचित किया आयोग की ओर से भेजे गए प्रधानाचार्य की बर्खास्तगी का मामला विचाराधीन है। ऐसे में याची को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का वेतन नहीं दिया जा सकता है। इस आदेश को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
कोर्ट ने पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद कहा कि यदि याचिकाकर्ता ने विद्यालय में प्रधानाचार्य के रूप में कार्य कर रहा है तो वह उसके अनुरूप वेतन का हकदार है। डीआईओएस के आदेश को रद्द कर दिया।
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