लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बाल वाटिका (प्री-प्राइमरी) शिक्षा को मजबूत आधार देने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत बृहस्पतिवार को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अगस्त से शुरू हुई इस श्रृंखला के तहत छठे चरण का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें 71,877 विद्यालयों के प्री-प्राइमरी के प्रधानाध्यापक, नोडल शिक्षक संकुल, नोडल अध्यापक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नोडल एसआरजी और अईसीसीई एजुकेटर को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ा गया। इसके माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को और अधिक अनुभव वाला, आनंददायक और
सृजनशील बनाया गया।
इन प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से इन्हें बाल वाटिका के संचालन, शैक्षिक संवर्धन और गतिविधि-आधारित शिक्षण प्रक्रिया की नई बारीकियों में मदद मिलेगी। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश की प्री-प्राइमरी शिक्षा में गुणात्मक परिवर्तन लाने का यह प्रयास शिक्षण की नई क्रांति है। यह ऑनलाइन श्रृंखला शिक्षकों को ऐसे आधुनिक शिक्षण कौशलों से जोड़ रही है, जो बच्चों के समग्र विकास और सीखने की प्रक्रिया को सहज, रचनात्मक और आनंददायक बनाएंगे।
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