ललितपुर। शहर के एक मोहल्ले में ट्यूशन के लिए गई सात वर्षीय मासूम छात्रा से दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नवनीत कुमार भारती की अदालत ने शिक्षक अंकुर जैन को दोषी पाया। उसे 20 वर्ष के कारावास और 33 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
शहर के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने दो वर्ष पहले 30 जुलाई 2023 को कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसकी सात वर्षीय बेटी कक्षा दो में पढ़ती है। वह ट्यूशन पढ़ने के लिए शहर कोतवाली क्षेत्र के छत्रसालपुरा निवासी अंकुर जैन के घर जाती थी। बेटी ने दादी को 28 जुलाई 2023 को बताया कि शिक्षक उसके साथ गंदी हरकतें करता है। कहता है कि अगर उसने अपनी मां व किसी से भी कहा तो वह उसे डंडे से पीटेगा।
इसकी जानकारी होने पर बच्ची के परिजन शिक्षक के घर गए और उसके परिजनों से शिकायत की। इसके बाद उन्होंने अपने लड़के (शिक्षक) को घर से दूर रिश्तेदारी में भेज दिया। उधर, कोतवाली पुलिस ने इस मामले में आरोपी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया। पॉक्सो एक्ट के तहत न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
न्यायाधीश ने इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक को दोषी पाया और सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि अदा न करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। न्यायाधीश ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की धनराशि को पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा किया जाए।
वहीं, विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह गौर ने बताया कि 12 वर्ष से कम आयु की बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में धारा 376 एबी में मुकदमा दर्ज होता है। इसमें घटना की परिस्थिति के अनुसार दंड का प्रावधान किया गया है। इस मामले में अभियुक्त छह माह पूर्व जमानत पर रिहा हो गया था। अब न्यायाधीश ने उसे दोषी माना और सजा सुनाई है।
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