बेसिक शिक्षा अधिकारी हों या जिला विद्यालय निरीक्षक दोनों में से किसी को भी शिक्षकों के महीने भर का वेतन रोकने का अधिकार नहीं है। फिर भी इन दोनों संवर्ग के अधिकारियों ने अलग-अलग जिलों में ‘अपार आईडी’ बनाने के कार्यों में शिथिलता का आरोप लगा शिक्षकों के दिसम्बर का वेतन रोक दिया है।
शिक्षा अधिकारियों के इस कदम का शिक्षक जगत में न सिर्फ विरोध
हो रहा हैं बल्कि आलोचनाएं भी खूब हो रही है। अब स्कूल महानिदेशक कंचन वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि अब बीएसए कोई कार्रवाई न करें। गौर करने वाली बात यह है कि जिले स्तर के शिक्षाधिकारियों को ऐसे कदम उठाने से रोकने के लिए शासन ने आदेश भी जारी कर रखे हैं।
इन जिलों में रोका वेतन
जानकारी के अनुसार अब तक प्रदेश के 24 जिलों में वहां के बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने अपने जिले के शिक्षकों के वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं। इसमें (बीएसए) ने मऊ, आजमगढ़, बलिया, चित्रकूट, प्रयागराज, भदोही, कुशीनगर, देवरिया, अयोध्या, मैनपुरी, बागपत, मेरठ, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशाम्बी, रामपुर, बलरामपुर, बरेली, लखनऊ आदि के नाम शामिल हैं।
न ऐसी कार्रवाई की जरूरत है और न ही नियम में व्यवस्था है। परिषदीय विद्यालयों में 80% से अधिक अपार आईडी बन गए हैं।
– कंचन वर्मा, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा
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