केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए गठित 8वें वेतन आयोग को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से लगातार अपनी मांगें आयोग के सामने रखी जा रही हैं। इसी क्रम में रक्षा क्षेत्र के सिविल कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने वेतन, भत्तों और पदोन्नति से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
AIDEF ने मांग की है कि लेवल-1 के कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन बढ़ाकर ₹69,000 किया जाए। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत ऐसे कर्मचारियों को ₹18,000 बेसिक सैलरी मिलती है। इसके साथ ही संगठन ने सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव भी रखा है।
संगठन ने जोखिम भरे कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष रिस्क अलाउंस की भी मांग उठाई है। फेडरेशन के अनुसार रक्षा विभाग की कई इकाइयों में कर्मचारी ऐसे वातावरण में काम करते हैं जहां स्वास्थ्य और सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है। इनमें गोला-बारूद निर्माण इकाइयां, केमिकल यूनिट्स और अत्यधिक तापमान वाली भट्टियां शामिल हैं।
AIDEF ने सुझाव दिया है कि अत्यधिक खतरनाक औद्योगिक कार्यों में लगे कर्मचारियों को हर महीने ₹15,000 तक का रिस्क अलाउंस दिया जाए। वहीं लगातार जोखिम वाले कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए ₹10,000 मासिक भत्ते की मांग की गई है।
इसके अलावा संगठन ने कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर बेहतर एंट्री पे-लेवल तय करने, कम वेतनमान वाले पदों के विलय और पदोन्नति नियमों में सुधार की भी सिफारिश की है। कुछ विभागों को संगठित कैडर का दर्जा देने का प्रस्ताव भी ज्ञापन में शामिल किया गया है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के कर्मचारियों के लिए भी अलग से सुझाव दिए गए हैं। फेडरेशन ने तकनीकी कैडर के पुनर्गठन, पदोन्नति के लिए कम रेजिडेंसी अवधि और समान कार्य करने वाले अन्य केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर वेतन देने की मांग उठाई है।
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