यूपी: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन की बढ़ सकती है तिथि; इन्हें भी मिलेगा मौका
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एन आई ओ एस के 18 माह के डी एल एड पाठ्यक्रम को मान्यता दी है। इससे एन आई ओ एस से 18 माह का डी एल एड प्रशिक्षण लेने वाले सेवारत शिक्षकों को सहायक अध्यापक भर्ती में आवेदन का मौका मिलेगा। कोर्ट ने अधिकारियों को पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन लेने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी करने का निर्देश दिया है। कहा जरूरत पड़ने पर आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जा सकती है।
न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह आदेश अभिषेक पाठक समेत 45 अभ्यर्थियों की याचिका पर दिया। याचियों का कहना था कि वे 10 अगस्त 2017 तक सेवारत अप्रशिक्षित शिक्षक थे। उन्होंने एन आई ओ एस के 18 माह के ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से एक अप्रैल 2019 से पहले 18 माह का डी एल एड प्रशिक्षण पूरा किया था। इस पाठ्यक्रम को एनसीटीई से मान्यता मिली थी।
याचियों ने कहा कि सहायक अध्यापक भर्ती के विज्ञापन संख्या 5/ 2026 में उनकी योग्यता नहीं मानी गई और उन्हें आवेदन से वंचित कर दिया गया। उन्होंने सुप्रीमकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि तय अवधि में एन आई ओ एस से डी एल एड करने वाले शिक्षकों को नियुक्ति और पदोन्नति के लिए वैध डिप्लोमा धारक माना जाएगा। इसमें राज्य सरकार के स्कूल भी शामिल हैं। हाईकोर्ट ने सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों के आधार पर पात्र शिक्षकों को भर्ती में शामिल करने को कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि आवेदन की अंतिम तिथि निकल चुकी है, लेकिन सात नवंबर तक फार्म में बदलाव का विकल्प उपलब्ध है।
हाईकोर्ट ने अधिकारियों से वेबसाइट और विज्ञापन के जरिए पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका देने की सूचना जारी करने का निर्देश दिया है। इस आदेश का लाभ सिर्फ याचिका दायर करने वाले 45 अभ्यर्थियों को ही नहीं, बल्कि समान योग्यता और तय शर्तें पूरा करने वाले सभी सेवारत शिक्षकों को मिलेगा।
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