समायोजन 3.1 में “सरप्लस” कॉलम पर बढ़ा विवाद, शिक्षकों को खुद चिन्हित कराने पर उठे गंभीर सवाल – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

primarymaster.in


 समायोजन 3.1 में “सरप्लस” कॉलम पर बढ़ा विवाद, शिक्षकों को खुद चिन्हित कराने पर उठे गंभीर सवाल

समायोजन 3.1 के “सरप्लस” कॉलम पर विवाद, शिक्षकों से खुद पहचान कराने पर उठे सवाल, प्वाइंट 7,8 पर ध्यान दें।

1. पहले भी कुछ शिक्षकों और संबंधित पक्षों द्वारा यह आपत्ति जताई गई थी कि समायोजन के लिए ऑनलाइन फॉर्म न डाले जाएं, क्योंकि कथित रूप से ऐसे शिक्षकों को भी समायोजन प्रक्रिया में भेजा गया जो वहां जाना नहीं चाहते थे।

.

.

2. अब फिर यह कहा जा रहा है कि न्यायालय द्वारा डेटा मांगा गया है, लेकिन समायोजन 3.1 से संबंधित प्रसारित प्रारूपों में इंचार्ज/हेड से “सरप्लस शिक्षक” का नाम लिखवाने की बात है।

.

.

3. उपलब्ध प्रारूप के अनुसार मांगी गई सूचनाओं में विद्यालय का नाम, स्वीकृत शिक्षक संख्या, वर्तमान में कार्यरत शिक्षक, जॉइनिंग की तिथि, 30-04-26 की छात्र संख्या, आरटीई एक्ट के अनुसार आवश्यक शिक्षक संख्या, तथा कुछ प्रारूपों में विषयवार “सरप्लस शिक्षक” का कॉलम शामिल बताया जा रहा है।

.

.

4. आपत्ति यह है कि किसे “सरप्लस” माना जाए, इसका अंतिम निर्धारण विद्यालय स्तर पर नहीं बल्कि विभाग, बीईओ या सक्षम प्राधिकारी द्वारा डेटा परीक्षण के बाद किया जाना चाहिए।

.

.

5. यदि विद्यालय स्तर पर ही किसी शिक्षक को “सरप्लस” के रूप में दर्ज कराया जाता है, तो इससे शिक्षकों के बीच अनावश्यक विवाद पैदा हो सकता है और प्रशासनिक जिम्मेदारी इंचार्ज/हेड पर स्थानांतरित होने का जोखिम बन सकता है, जिससे कोर्ट केस में इंचार्ज/हेड को पार्टी बनाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

.

.

6. विद्यालयों को तथ्यात्मक डेटा नियमानुसार उपलब्ध कराना चाहिए, लेकिन विवादित अंतिम कॉलम में प्रविष्टि केवल वही की जानी चाहिए जो स्पष्ट लिखित आदेश, सक्षम प्राधिकारी के निर्देश या विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुरूप हो जबकि जानकारी अनुसार ऐसा किसी जिले में लिखित रूप में हो नहीं रहा है।

.

.

7. प्रभावित शिक्षक द्वारा अलग अलग विद्यालय को लेकर, अलग- अलग याचिकाएं दाखिल करनी होंगी जो आर्थिक और व्यवहारिक रूप से समस्या पैदा करेंगी। अपनी ही पोस्ट पर कमेंट देखकर लग रहा है कि विद्यालयों में आपस में शीत युद्ध तो न जाने कब से चल रहा है। व्यक्तिगत हित को ताक पर रखें और शिक्षक हित पर ध्यान दें। ध्येय होना चाहिए एक कक्षा में 30 छात्रों पर एक शिक्षक।

.

.

8. इस पूरे मुद्दे का मुख्य संदेश यह है कि शिक्षक और संबंधित अधिकारी किसी भी प्रविष्टि से पहले आधिकारिक आदेश, प्रारूप की वैधता और अपनी अधिकार-सीमा की सावधानीपूर्वक जांच करें, क्योंकि किसी भी प्रभावित पक्ष द्वारा बाद में वैधानिक उपाय अपनाया जा सकता है।

#समायोजन #शिक्षक_समायोजन #शिक्षक_हित #शिक्षा_विभाग #आरटीई #विद्यालय_प्रशासन #न्यायिक_प्रक्रिया #तथ्य_आधारित_चर्चा

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment

WordPress Emporium WORKSUITE – HR, CRM and Project Management Worksuite Saas – Project Management System World Wide News – Magazine Responsive WordPress Theme World Wide – Responsive Magazine WordPress WorldNews Magazine RTL Responsive WordPress Blog WorldPay Gateway for WooCommerce WorldPay Jetpack CRX Addon WorldPay Woocommerce Payment Gateway Plugin WorldWides – Multipurpose WooCommerce Theme WotaHub | Coworking Space WordPress Theme