पीएफ दावे पर आखिरी दिन तक का ब्याज – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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नई दिल्ली,   केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बुधवार को बताया कि ईपीएफओ पोर्टल में सुधार के बाद कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। अब नई व्यवस्था में नौकरी छोड़ने या सेवानिवृत्त होने पर अंतिम दावे पर ब्याज की गणना उसे मंजूरी मिलने की तारीख तक की जाएगी।

पहले अगर किसी सदस्य का अंतिम पीएफ क्लेम महीने के बीच में मंजूर होता था, तब भी ब्याज की गणना केवल पिछले महीने के आखिरी दिन तक ही की जाती थी। नई व्यवस्था में क्लेम की अंतिम स्वीकृति की तारीख तक ब्याज जोड़ा जाएगा। इससे कर्मचारियों को उनकी पूरी पात्र अवधि का ब्याज मिलेगा और अंतिम भुगतान की राशि बढ़ेगी। इसके अलावा, वार्षिक ब्याज खातों में जमा करने की पूरी प्रक्रिया अब स्वत: प्रक्रिया के जरिए पूरी होगी।

­पूरी तरह केवाईसी वाले सदस्यों के लिए ऑटो सेटलमेंट की सीमा एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है। अब दावा प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की जानकारी या स्पष्टीकरण की जरूरत होगी, तो सदस्य ऑनलाइन ही उसका जवाब दे सकेंगे। दावा मंजूर होने के बाद दावा राशि केंद्रीय भुगतान प्रणाली के माध्यम से उसी दिन सीधे सदस्य के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

पहले हर क्षेत्रीय कार्यालय का अलग-अलग डेटाबेस था। अब सीआईटीईएस के जरिए पूरे देश के सभी सदस्य रिकॉर्ड एक ही केंद्रीय डेटाबेस में उपलब्ध हो गया। सदस्य के सेवा संबंधी किसी भी अनुरोध का निपटारा किसी भी अधिकृत ईपीएफओ कार्यालय से किया जा सकेगा।

15 जुलाई तक खाते में आएगा पीएफ का ब्याज

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन 15 जुलाई तक सभी ईपीएफओ सदस्यों के खातों में वित्तीय वर्ष 2025-26 की ब्याज धनराशि जमा कराएगा। बुधवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25%ब्याज पहली बार नए केंद्रीय आईटी सिस्टम के जरिए स्वतः प्रक्रिया से जमा किया जाएगा। अगले 2-3 दिन में खातों का सत्यापन का काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद 34 करोड़ खातों में 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज 15 जुलाई तक जमा कर दिया जाएगा। हालांकि बीते वर्षों में ब्याज जमा होने में अक्तूबर-नवंबर तक का समय लग जाता था।

कितनी क्लेम राशि मिलेगी, सिस्टम पहले बता देगा

पीएफ निकासी के लिए दावा करने से पहले सिस्टम खुद जांच करेगा। अगर कोई कमी या गलती होगी तो सदस्य को पहले ही जानकारी मिल जाएगी, जिससे दावा खारिज होने की संभावना कम होगी। इतना ही नहीं दावा भरते समय यह भी पता चल जाएगा कि किस श्रेणी में अधिकतम कितनी राशि निकाल जा सकती है। यदि मांगी गई राशि तय सीमा से अधिक होगी तो सिस्टम तुरंत चेतावनी देगा।

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