, प्रयागराजः यूपी बोर्ड की कक्षा नौ से 12 तक के शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए पाठ्यपुस्तकों का मूल्य तय करने को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में प्रकाशक अपनी मर्जी से पुस्तकों का मूल्य नहीं तय कर सकेंगे। नए शैक्षिक सत्र की पाठ्यपुस्तकों के लिए यूपी बोर्ड ने जो टेंडर जारी किया है, उसमें प्रकाशकों को चार पेज की कीमत बताने की शर्त जोड़ी है। इसी आधार पर प्रत्येक विषय की पूरी पुस्तक का मूल्य निर्धारित हो जाएगा। इसके अलावा पाठ्यपुस्तक प्रकाशित होकर आने के पहले प्रकाशकों को बताना होगा कि किस जिले में किस पुस्तक विक्रेता के यहां पाठ्यपुस्तक मिलेगी, ताकि विद्यार्थियों को आसानी से पाठ्यपुस्तक उपलब्ध हो सके।
पाठ्यपुस्तकों का मूल्य निर्धारित करने की नई व्यवस्था से प्रकाशकों की मनमर्जी नहीं चल पाएगी। पेज की लागत निश्चित होने से जितने पेज की जिस विषय के लिए पाठ्यपुस्तक होगी, उसी अनुपात में पूरी पुस्तक का मूल्य निश्चित हो जाएगा। वर्तमान सत्र के लिए पाठ्यपुस्तकें अप्रैल में नया सत्र आरंभ होने के तीन महीने बाद विक्रय के लिए बाजार में उपलब्ध हो पाई थीं। विलंब के कारण अधिकांश छात्र-छात्राओं ने बाजार में उपलब्ध अनधिकृत प्रकाशकों की पाठ्यपुस्तकें खरीदकर पढ़ाई शुरू कर दी थी। विलंब से पुस्तकें मिलने को दैनिक जागरण ने अपने अभियान में रेखांकित किया था।
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