एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला पांडुपिपरिया में शुक्रवार दोपहर हंगामा मचा रहा। कक्षा 7वीं और 8वीं में पढ़ने वाली छात्राओं ने प्राचार्य कोमल प्रसाद कोरी पर अशोभनीय व्यवहार और अपशब्दों के आरोप लगाए। छात्राओं का आरोप है कि प्राचार्य द्वारा उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और शौचालय जाने तक पर नजर रखी जाती है। इतना ही नहीं, स्कूल में भोजन बनाने आने वाली महिलाओं से भी प्राचार्य अश्लील टिप्पणी करते हैं।
छात्राओं की शिकायत पर मामला गंभीर होता देख जिला पंचायत सदस्य नवीन मरकाम और गोंगपा पदाधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर छात्राओं से सीधे संवाद किया। इसी दौरान तामिया बीईओ बीके सानेर भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं और स्टाफ से बयान लिए। जांच के आधार पर प्राचार्य कोमल प्रसाद कोरी को तत्काल प्रभाव से स्कूल से हटाकर बीईओ कार्यालय तामिया में संलग्न (अटैच) कर दिया गया।
शिकायत की शुरुआत ऐसे हुई
मिडिल स्कूल में जुलाई से पदस्थ छिंदवाड़ा निवासी दीपमाला बरड़े ने सबसे पहले जिला पंचायत सदस्य और बीईओ से लिखित शिकायत की थी। दीपमाला ने प्राचार्य पर प्रताड़ना और अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद मामला खुलकर सामने आया और छात्राओं ने भी अपनी बात रखी।
बीईओ बीके सानेर ने कहा “प्राचार्य के खिलाफ मिली शिकायत पर जांच कार्रवाई होगी। छात्राओं और शिकायतकर्ताओं के बयान लिए गए हैं। प्राथमिक जांच में मामला सही पाया गया, जिसके बाद प्राचार्य को पांडुपिपरिया से हटाकर बीईओ कार्यालय संलग्न किया गया है।”
पांडुपिपरिया पूर्व प्राचार्य, कोमल प्रसाद कोरी ने बताया “मेरे खिलाफ रची गई साजिश है। स्कूल के अन्य शिक्षक और छात्र-छात्राओं को मेरे कार्य से कोई आपत्ति नहीं है। शिकायतकर्ता बीमारी के कारण समय पर स्कूल नहीं आतीं और इसी वजह से झूठे आरोप लगाए गए हैं।”
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA






