कंपोजिट ग्रांट का 98 फीसदी धन परिषदीय स्कूलों में खर्च – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

primarymaster.in


 

ज्ञानपुर,  । वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपोजिट ग्रांड का बजट शासन से करीब दो करोड़ 13 लाख 87 हजार आया था। बजट का करीब 98 फीसदी धन परिषदीय स्कूलों द्वारा खर्च किया जा चुका है। जबकि 878 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों द्वारा खर्च का ब्योरा पोर्टल पर दिया जा चुका है। जिला बेसिक शिक्षा विभाग की अधिकारियों द्वारा कंपोजिट खर्च का निरंतर निगरानी की जा रही है। शेष जो विद्यालय कंपोजिट ग्रांट का ब्योरा नहीं दे पाए हैं, उन्हें शीघ्र ही देने को निर्देशित किया जा चुका है। जिले में संचालित कुल 874 परिषदीय स्कूलों में विभिन्न कार्य कंपोजिट ग्रांट के धन से कराए जा चुके हैं।

बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट का दूसरा किस्त शासन से स्वीकृत पूर्व में हुआ था। गत माह दूसरी किस्त के रूप में करीब दो करोड़ 13 लाख 87 हजार पांच सौ आया था। परिषदीय स्कूलों में कंपोजिट ग्रांड के तहत कितना धन किस काम में खर्च हुआ है, इसका भी ब्योरा प्रधानाध्यपकों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जा रहा है। पहले रंग-रोगन के नाम पर सभी विद्यालयों को सात से 10 हजार रुपये शासन से मिलते थे। इससे स्कूलों की न तो ठीक से रंगाई-पुताई हो पाती थी और न ही दूसरे सामान की खरीदारी। 2019-20 सत्र से सरकार ने स्कूलों में छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट आवंटित करना शुरू किया। जिससे प्रधानाध्यापक जरूरत के हिसाब से स्कूलों में काम कराते हैं। छात्र संख्या के आधार पर इसका आवंटन शुरू किया गया। एक से 30 तक बच्चों की संख्या पर 10 हजार, 30 से 100 बच्चों पर 25 हजार, 100 से 250 बच्चों पर 50 हजार, 250 से 1000 बच्चों पर 75 हजार और 1000 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों को एक लाख ग्रांट राशि जारी की जाती है। आवंटित ग्रांट को विद्यायल प्रबंधन रंगरोगन, चहारदीवारी निर्माण, ढोलक, हारमोनियम सहित शैक्षिक और खेलकूद सामग्री पर खर्च करते हैं। पूर्व में विद्यालय प्रबंध समिति उक्त धनराशि को मनमानी तरीके से खर्च करती और हिसाब नहीं देती। जिस पर शासन के निर्देश पर सख्ती शुरू कर दी गई है। अब कंपोजिट ग्रांट के खर्च का उपभोग प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होता है। अब तक कंपोजिट ग्रांट के दूसरे किस्त का करीब 93 फीसदी धन खर्च हो चुका है।कंपोजिट ग्रांट से इतना हुआ कामज्ञानपुर। कंपोजिट ग्रांट से प्रधानाध्यापक विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई पुराई के अलावां अन्य कार्य कराया जा चुका है। धनराशि को विद्यालयों में पेयजल, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षों में टाइल्स लगवाने, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण की खरीदारी, कंप्यूटर कक्ष, अनुरक्षण कार्य में खर्च हो चुका है। आवश्यकतानुसार पेंटिग कार्य, स्टेशन, टाट पट्टी, चटाई, दरी, रेडियो प्रोग्राम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपकरण, सामान्य सामग्री, बागवानी किट जैसी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।कंपोजिट ग्रांट व्यय की होती रहेगी समीक्षाज्ञानपुर। बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट में होने वाले व्यय की निरंतर समीक्षा होती रहेगी। स्कूलों में होने वाले कार्यों में मानक की अनदेखी एवं बजट का अन्यत्र खर्च किए जाने की शिकायत मिलती है तो विभागीय स्तर से गहन जांच करते हुए कार्रवाई की जाएगी। नामित अधिकारी द्वारा कंपोजिट ग्रांट के तहत होने वाले व्यय की निरंतर समीक्षा होती रहेगी।

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment