कुछ अलग: यूपी में हर पांचवीं महिला बनी संपत्ति की मालकिन – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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लखनऊ। यूपी में महिलाओं को संपत्ति का मालिकाना हक मिलने का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। इसमें करीब आठ फीसदी का उछाल आया है। हालांकि लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, मेघालय और पंजाब जैसे राज्यों में यह आंकड़ा 63% से 72% तक है। मगर अब यूपी में भी हर पांचवीं महिला संपत्ति की मालकिन बन चुकी है। यह मालिकाना हक एकल या साझा है। सरकारी योजनाओं और स्टांप ड्यूटी में मिलने वाली छूट का इसमें बड़ा योगदान है।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के छठे संस्करण की हालिया रिपोर्ट पर नजर डालें तो पूरे देश में महिलाओं के नाम पर मकान या जमीन का मालिकाना हक होने का ग्राफ 14 से बढ़कर 18.8% पर पहुंच गया है, यानी देश की 18.8% परिवारों में महिलाओं के पास भूमि या मकान का एकल या संयुक्त मालिकाना हक है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो वर्ष 2019 से 2021 के बीच महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व का आंकड़ा 12.2% था। यह 2023-24 में बढ़कर 20.1% पर पहुंच चुका है। इससे साफ है कि यूपी सहित राष्ट्रीय स्तर पर भी महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

देश में ग्रामीण और यूपी में शहरी महिलाएं आगे

राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र में 19.1% महिलाओं के पास संपत्ति का मालिकाना हक है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 18.2% है। उत्तर प्रदेश में संपत्ति के मालिकाना हक के मामले में शहरी महिलाएं आगे हैं। यहां 20.8% शहरी और 19.8% महिलाओं के पास संपत्ति का एकल या संयुक्त मालिकाना हक है।

तीन प्रमुख फैसलों में भागीदारी घट गई

हालांकि, यूपी में परिवार से जुड़े तीन फैसले लेने में विवाहित महिलाओं के ग्राफ में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इनमें महिलाओं की भागीदारी 87.6% से घटकर 85.9% रह गई है। इनमें खुद के स्वास्थ्य, घर के किसी बड़े खर्च और रिश्तेदारों के यहां जाने-आने से जुड़े फैसले शामिल हैं।

इन कारणों से महिला मालिकाना का चढ़ा ग्राफ

यूपी में ग्राफ बढ़ने की वजह सरकार द्वारा महिलाओं के नाम पर एक करोड़ रुपये कीमत तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर मिलने वाली एक फीसदी स्टांप ड्यूटी की छूट है। प्रधानमंत्री आवास योजना में दिए जाने वाले घरों की रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से महिलाओं के नाम पर की जा रही है। कामकाजी महिलाएं बढ़ना भी एक कारण है।

2019-21

में 12.2% महिलाओं के पास था एकल या साझा मालिकाना

राष्ट्रीय स्तर पर भी महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व में उल्लेखनीय सुधार, उत्तर प्रदेश में 20.1% पर पहुंच गया आंकड़ा

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